तुमकुरु में UAPA के तहत दो गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा उमर' से इंस्टाग्राम पर संपर्क का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के तुमकुरु पुलिस ने 6 जून 2025 को श्रीरामनगर निवासी अल्लाबाकाश (23) और दावणगेरे के राजमिस्त्री जमीर खान (23) को गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान स्थित कथित आतंकवादी राणा उमर से संपर्क बनाए रखा और देश में विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क बनाने में सहयोग किया। दोनों को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 4 जून 2025 को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुष्ट सूचनाओं के आधार पर शुरू हुई। क्याथासंद्रा पुलिस ने अल्लाबाकाश के मोबाइल फोन की जाँच की, जिसमें यह सामने आया कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित 'राणा भाई' नामक व्यक्ति से हिंदी में बातचीत कर रहा था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह संपर्क लगभग एक महीने पहले शुरू हुआ था।
जाँच में पता चला कि दोनों आरोपी बाद में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी बातचीत करते रहे और अंततः एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़े गए। पुलिस ने बताया कि जमीर खान गिरफ्तारी से पहले फरार था।
राणा उमर की कथित भूमिका
जाँचकर्ताओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित राणा उमर भारत की राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों के सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है। सूत्रों के अनुसार, उसने शुरुआत में इस्लाम और धार्मिक शिक्षाओं से संबंधित संदेश साझा किए, लेकिन धीरे-धीरे चर्चा को भड़काऊ और देश-विरोधी विचारों की ओर मोड़ दिया।
जाँच में यह भी सामने आया कि राणा ने कथित तौर पर पुणे में एक मौलवी की हत्या का उल्लेख करते हुए बदले की बात कही और ऐसे कृत्यों की तैयारियों पर चर्चा की। पुलिस को संदेह है कि उसके देश के कई हिस्सों में अनुयायी हैं और उसने गिरफ्तार युवकों को अपने व्यापक नेटवर्क से परिचित कराया था।
कट्टरपंथीकरण की प्रक्रिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राणा ने व्हाट्सएप ग्रुप में 'समुदाय में एकता' का बहाना बनाकर सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया। जाँचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों को एक बड़ी साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया गया था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि मात्र 20 दिनों की बातचीत की प्रकृति कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
गौरतलब है कि दोनों गिरफ्तार युवक साधारण पृष्ठभूमि के थे और छोटे-मोटे काम करते थे — यह इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान स्थित नेटवर्क सुभेद्य और आर्थिक रूप से कमज़ोर युवाओं को निशाना बना रहा था।
आगे की जाँच
अधिकारियों ने बताया कि तुमकुरु टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और नेटवर्क के विस्तार तथा ऑनलाइन समन्वय की प्रकृति का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। केंद्रीय एजेंसियाँ भी इस मामले में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथीकरण की घटनाएँ बढ़ती रिपोर्ट की जा रही हैं।