22 जुलाई 2026
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तुमकुरु में UAPA के तहत दो गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा उमर' से इंस्टाग्राम पर संपर्क का आरोप

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तुमकुरु में UAPA के तहत दो गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा उमर' से इंस्टाग्राम पर संपर्क का आरोप

सारांश

कर्नाटक के तुमकुरु में दो साधारण युवकों की गिरफ्तारी ने एक बड़े ऑनलाइन नेटवर्क का पर्दाफाश किया है — जिसके पीछे पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड कथित आतंकवादी राणा उमर बताया जा रहा है। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संपर्क व्हाट्सएप ग्रुप तक पहुँचा और UAPA के तहत कार्रवाई हुई।

मुख्य बातें

तुमकुरु पुलिस ने 6 जून 2025 को अल्लाबाकाश (23) और जमीर खान (23) को UAPA के तहत गिरफ्तार किया।
दोनों पर आरोप है कि वे पाकिस्तान स्थित कथित आतंकवादी राणा उमर के संपर्क में थे, जो भारतीय एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में है।
संपर्क इंस्टाग्राम से शुरू हुआ, फिर एक्स और व्हाट्सएप ग्रुप तक फैला — कुल अवधि लगभग 20 दिन ।
राणा ने कथित तौर पर धार्मिक संदेशों की आड़ में युवकों को कट्टरपंथी बनाने और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए संगठित करने का प्रयास किया।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सूचना पर 4 जून 2025 को कार्रवाई शुरू हुई; नेटवर्क के और सदस्यों की तलाश जारी है।

कर्नाटक के तुमकुरु पुलिस ने 6 जून 2025 को श्रीरामनगर निवासी अल्लाबाकाश (23) और दावणगेरे के राजमिस्त्री जमीर खान (23) को गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान स्थित कथित आतंकवादी राणा उमर से संपर्क बनाए रखा और देश में विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क बनाने में सहयोग किया। दोनों को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 4 जून 2025 को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुष्ट सूचनाओं के आधार पर शुरू हुई। क्याथासंद्रा पुलिस ने अल्लाबाकाश के मोबाइल फोन की जाँच की, जिसमें यह सामने आया कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित 'राणा भाई' नामक व्यक्ति से हिंदी में बातचीत कर रहा था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह संपर्क लगभग एक महीने पहले शुरू हुआ था।

जाँच में पता चला कि दोनों आरोपी बाद में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी बातचीत करते रहे और अंततः एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़े गए। पुलिस ने बताया कि जमीर खान गिरफ्तारी से पहले फरार था।

राणा उमर की कथित भूमिका

जाँचकर्ताओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित राणा उमर भारत की राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों के सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है। सूत्रों के अनुसार, उसने शुरुआत में इस्लाम और धार्मिक शिक्षाओं से संबंधित संदेश साझा किए, लेकिन धीरे-धीरे चर्चा को भड़काऊ और देश-विरोधी विचारों की ओर मोड़ दिया।

जाँच में यह भी सामने आया कि राणा ने कथित तौर पर पुणे में एक मौलवी की हत्या का उल्लेख करते हुए बदले की बात कही और ऐसे कृत्यों की तैयारियों पर चर्चा की। पुलिस को संदेह है कि उसके देश के कई हिस्सों में अनुयायी हैं और उसने गिरफ्तार युवकों को अपने व्यापक नेटवर्क से परिचित कराया था।

कट्टरपंथीकरण की प्रक्रिया

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राणा ने व्हाट्सएप ग्रुप में 'समुदाय में एकता' का बहाना बनाकर सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया। जाँचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों को एक बड़ी साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया गया था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि मात्र 20 दिनों की बातचीत की प्रकृति कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

गौरतलब है कि दोनों गिरफ्तार युवक साधारण पृष्ठभूमि के थे और छोटे-मोटे काम करते थे — यह इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान स्थित नेटवर्क सुभेद्य और आर्थिक रूप से कमज़ोर युवाओं को निशाना बना रहा था।

आगे की जाँच

अधिकारियों ने बताया कि तुमकुरु टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और नेटवर्क के विस्तार तथा ऑनलाइन समन्वय की प्रकृति का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। केंद्रीय एजेंसियाँ भी इस मामले में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथीकरण की घटनाएँ बढ़ती रिपोर्ट की जा रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुमकुरु में UAPA के तहत किन्हें गिरफ्तार किया गया और क्यों?
तुमकुरु पुलिस ने 6 जून 2025 को श्रीरामनगर के अल्लाबाकाश (23) और दावणगेरे के जमीर खान (23) को UAPA के तहत गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि वे सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान स्थित कथित आतंकवादी राणा उमर के संपर्क में थे और देश में विघटनकारी गतिविधियों के लिए नेटवर्क बनाने में सहयोग कर रहे थे।
राणा उमर कौन है और उसकी क्या भूमिका बताई जा रही है?
राणा उमर पाकिस्तान स्थित एक कथित आतंकवादी है जो भारतीय राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, उसने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिए भारतीय युवकों से संपर्क कर उन्हें कट्टरपंथी बनाने और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए संगठित करने का प्रयास किया।
आरोपियों का पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क कैसे हुआ?
पुलिस के अनुसार, संपर्क लगभग एक महीने पहले इंस्टाग्राम के ज़रिए शुरू हुआ, फिर एक्स पर बातचीत हुई और अंततः दोनों को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 दिनों में पूरी हुई।
इस मामले में UAPA क्यों लगाया गया?
UAPA (गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) तब लागू होता है जब आरोपी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हों। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी देश के खिलाफ अन्य लोगों को संगठित करने और विघटनकारी गतिविधियाँ करने के प्रयास में शामिल थे, जो UAPA के दायरे में आता है।
क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल हो सकते हैं?
पुलिस को संदेह है कि राणा उमर के देश के कई हिस्सों में अनुयायी हैं और उसने गिरफ्तार युवकों को अपने व्यापक नेटवर्क से परिचित कराया था। नेटवर्क के विस्तार और ऑनलाइन समन्वय की प्रकृति का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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