21 जुलाई 2026
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जौहर यूनिवर्सिटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सपा का अयोध्या में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन

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जौहर यूनिवर्सिटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सपा का अयोध्या में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन

सारांश

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सपा ने अयोध्या में हल्लाबोल किया। पवन पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में है।

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी ने 21 जुलाई को अयोध्या में जौहर यूनिवर्सिटी की बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।
पूर्व मंत्री पवन पांडे के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
सपा ने सरकार पर राजनीतिक द्वेष और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
रामपुर जिलाधिकारी के आदेश में निर्माण को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम का उल्लंघन बताया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में है।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने 21 जुलाई को अयोध्या में प्रदर्शन कर रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। पार्टी के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे 'पवन पांडे' के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता अयोध्या कलेक्ट्रेट पहुँचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की माँग की।

प्रदर्शन का घटनाक्रम

सपा कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ज्ञापन के ज़रिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की माँग करते हुए कहा गया कि सभी संबंधित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

पवन पांडे ने क्या कहा

मीडिया से बातचीत में पवन पांडे ने कहा, 'सरकार को शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय, यदि कोई तकनीकी या दस्तावेजी कमी है तो उसे दूर कराने का अवसर देना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 'पाठशालाएं बंद कर मधुशालाएं खोलना चाहती है' और एक तरफ देश को विश्वगुरु बनाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के हाथों से कलम और किताब छीनने का प्रयास किया जा रहा है।

पांडे ने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालय के भवन, नक्शे या अन्य दस्तावेजों में कोई कमी है तो नियमानुसार उन्हें पूरा कराने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि संस्थान का संचालन जारी रह सके।

दोहरे मापदंड का आरोप

सपा नेता ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में कथित अवैध कब्जों की शिकायतें हैं, परंतु वहाँ बुलडोजर नहीं चलता। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या सहित अनेक स्थानों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे किए गए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बनाकर की जा रही है। उनके अनुसार, यह निर्णय 'राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित प्रतीत होता है।'

प्रशासन का पक्ष

उल्लेखनीय है कि रामपुर के जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी के संबंधित निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। आदेश में निर्धारित अवधि के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। यदि निर्धारित समयसीमा में स्वयं निर्माण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। सपा के इस प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें रामपुर प्रशासन के अगले कदम और संभावित न्यायिक हस्तक्षेप पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताती है — और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं देते। मुख्यधारा की कवरेज जो प्रश्न अक्सर चूक जाती है वह यह है कि क्या राज्य में अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विरुद्ध समान उल्लंघनों पर समान कार्रवाई हुई है — इसका उत्तर ही इस विवाद की वास्तविक प्रकृति तय करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का कारण क्या है?
रामपुर जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी के संबंधित निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। प्रशासन ने निर्धारित समयसीमा में अवैध निर्माण न हटाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी है।
सपा ने अयोध्या में प्रदर्शन क्यों किया?
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए विरोध जताया। पार्टी का कहना है कि शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय दस्तावेजी कमियाँ दूर करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
सपा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन में क्या माँगा?
सपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की माँग करते हुए जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई रोकने और कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की अपील की।
पवन पांडे ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पूर्व मंत्री पवन पांडे ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदेश में अन्य स्थानों पर कथित अवैध कब्जे होने के बावजूद वहाँ कार्रवाई नहीं होती, जबकि केवल जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है।
प्रशासन का इस विवाद पर क्या कहना है?
रामपुर प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन ने विश्वविद्यालय को निर्धारित अवधि में स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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