जौहर यूनिवर्सिटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सपा का अयोध्या में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) ने 21 जुलाई को अयोध्या में प्रदर्शन कर रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। पार्टी के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे 'पवन पांडे' के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता अयोध्या कलेक्ट्रेट पहुँचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की माँग की।
प्रदर्शन का घटनाक्रम
सपा कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ज्ञापन के ज़रिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की माँग करते हुए कहा गया कि सभी संबंधित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
पवन पांडे ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में पवन पांडे ने कहा, 'सरकार को शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय, यदि कोई तकनीकी या दस्तावेजी कमी है तो उसे दूर कराने का अवसर देना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 'पाठशालाएं बंद कर मधुशालाएं खोलना चाहती है' और एक तरफ देश को विश्वगुरु बनाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के हाथों से कलम और किताब छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
पांडे ने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालय के भवन, नक्शे या अन्य दस्तावेजों में कोई कमी है तो नियमानुसार उन्हें पूरा कराने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि संस्थान का संचालन जारी रह सके।
दोहरे मापदंड का आरोप
सपा नेता ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में कथित अवैध कब्जों की शिकायतें हैं, परंतु वहाँ बुलडोजर नहीं चलता। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या सहित अनेक स्थानों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे किए गए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बनाकर की जा रही है। उनके अनुसार, यह निर्णय 'राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित प्रतीत होता है।'
प्रशासन का पक्ष
उल्लेखनीय है कि रामपुर के जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी के संबंधित निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। आदेश में निर्धारित अवधि के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। यदि निर्धारित समयसीमा में स्वयं निर्माण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। सपा के इस प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें रामपुर प्रशासन के अगले कदम और संभावित न्यायिक हस्तक्षेप पर टिकी हैं।