जौहर यूनिवर्सिटी विध्वंस पर अजय राय का आरोप: राम मंदिर चढ़ावा विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 17 जुलाई 2026 को रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में चल रही विध्वंस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह कदम राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद से जनता का ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय के कई भवनों को अवैध घोषित कर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
मुख्य घटनाक्रम
राय ने कहा कि 15 जुलाई को दोपहर 1 बजे सुनवाई समाप्त हुई और शाम 4 बजे ही विध्वंस का आदेश जारी कर दिया गया। उनके अनुसार, 'इससे स्पष्ट है कि आदेश पहले से तैयार था, बस औपचारिक रूप से जारी किया गया।' उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को 'शिक्षा के मंदिर को तोड़ने का षड्यंत्र' करार दिया।
राजनीतिक निशाना और आरोप
अजय राय ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को विशेष रूप से इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि इसे आज़म खान और उनके समर्थकों ने मिलकर बनवाया था। उन्होंने यह भी बताया कि जहाँ यह विश्वविद्यालय स्थित है, वह क्षेत्र 2024 से पहले नगर पंचायत के अंतर्गत आता था और 2024 में ही वहाँ विकास प्राधिकरण का गठन हुआ। उनके अनुसार, 'यह साफ़ दिखाता है कि रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी को विश्वविद्यालय को निशाना बनाने के लिए ही बनाया गया।'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद से जोड़
कांग्रेस नेता ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के बाद हुए प्रायश्चित अनुष्ठान का उल्लेख करते हुए कहा कि 'इस अनुष्ठान से ही साबित हो जाता है कि अयोध्या में चोरी हुई और मंदिर को अपवित्र किया गया।' उन्होंने यह भी दावा किया कि खबरें आ रही हैं कि गोपाल राव ने अयोध्या छोड़ दी है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
कांग्रेस का रुख
अजय राय ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही आस्था और देश की भावनाओं के साथ खड़ी रही है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर 'दिखावटी और बनावटी' होने का आरोप लगाया। विपक्ष की माँग है कि जौहर यूनिवर्सिटी की विध्वंस कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और इस मामले की निष्पक्ष जाँच हो।
आगे क्या
जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन और आज़म खान के समर्थकों की ओर से कानूनी चुनौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले पर राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है और विपक्षी दल इसे उत्तर प्रदेश में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।