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जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण नोटिस: सपा के 9 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर पहुँचेगा

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जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण नोटिस: सपा के 9 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर पहुँचेगा

सारांश

रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण नोटिस के बाद सपा ने मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव के निर्देश पर 9 सांसदों का दल शनिवार को रामपुर पहुँचेगा — यह उसी सप्ताह विधायक दल के दौरे के बाद दूसरा बड़ा राजनीतिक हस्तक्षेप है।

मुख्य बातें

सपा का 9 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर का दौरा करेगा, जो अखिलेश यादव के सीधे निर्देश पर है।
रामपुर प्रशासन ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 अनाधिकृत भवनों को 15 दिनों में हटाने का नोटिस जारी किया है।
इससे पहले गुरुवार को विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजा गया था।
प्रतिनिधिमंडल में रुचि वीरा , इकरा हसन , हरेंद्र सिंह मलिक , राजीव राय , मोहिबुल्लाह नदवी , नीरज मौर्य और जियाउर्रहमान बर्क शामिल हैं।
सपा ने बुलडोजर कार्रवाई को 'अनुचित' बताते हुए सभी कानूनी मुद्दों के समाधान तक विध्वंस रोकने की माँग की है।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के 38 अनाधिकृत भवनों पर जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के विरोध में अपनी मुहिम और तेज़ कर दी है। पार्टी ने घोषणा की है कि उसका नौ सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर का दौरा करेगा, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेगा और किसी भी बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने का दबाव बनाएगा। यह कदम सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सीधे निर्देश पर उठाया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल की संरचना और उद्देश्य

सपा के इस संसदीय दल में मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा, इकरा हसन, हरेंद्र सिंह मलिक, राजीव राय, मोहिबुल्लाह नदवी, नीरज मौर्य और जियाउर्रहमान बर्क समेत अन्य सांसद शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल तीन प्रमुख काम करेगा — जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात, विश्वविद्यालय को जारी नोटिसों की विस्तृत जानकारी हासिल करना और पार्टी नेतृत्व को सौंपने के लिए एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करना। साथ ही, प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से यह आग्रह करेगा कि सभी कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों के समाधान तक किसी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई न की जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

रामपुर प्रशासन की जाँच में पाया गया कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया था। इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए जिला प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया और विश्वविद्यालय प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर इन अनाधिकृत निर्माणों को स्वयं हटाने का निर्देश दिया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रबंधन निर्धारित समयसीमा में विध्वंस कार्य नहीं करता, तो जिला प्रशासन स्वयं कार्रवाई शुरू कर सकता है।

सपा का विरोध और राजनीतिक हलचल

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को सपा ने विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में रामपुर भेजा था। अब सांसदों के स्तर पर दूसरा दौरा यह दर्शाता है कि पार्टी इस मुद्दे को संसदीय और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। सपा ने बुलडोजर कार्रवाई की संभावना को 'अनुचित' बताते हुए विश्वविद्यालय की सुरक्षा की माँग की है।

प्रशासन का पक्ष

जिला अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन पर आधारित है और कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास अपना पक्ष रखने और स्वयं विध्वंस करने का पर्याप्त अवसर दिया गया है।

आगे क्या होगा

यह मुद्दा अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहाँ विपक्ष प्रशासनिक पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की माँग कर रहा है। सपा के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट के बाद पार्टी अपनी अगली रणनीति तय करेगी। 15 दिन की समयसीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन का अगला कदम इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब सांसद — यह संकेत देता है कि पार्टी इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में स्थापित करना चाहती है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि क्या 38 भवनों का बिना नक्शे के निर्माण वास्तव में हुआ — और यदि हाँ, तो इतने वर्षों तक प्रशासनिक निगरानी कहाँ थी। राजनीतिक दबाव से परे, विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों पर पड़ने वाले व्यावहारिक असर की चर्चा अभी तक किसी भी पक्ष की प्राथमिकता में नहीं दिखती।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्तीकरण नोटिस क्यों जारी किया गया?
रामपुर जिला प्रशासन की जाँच में पाया गया कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया था। इस कथित उल्लंघन के आधार पर प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर इन अनाधिकृत निर्माणों को हटाने का नोटिस जारी किया है।
सपा का रामपुर दौरा करने वाला प्रतिनिधिमंडल कौन-कौन से सांसदों से बना है?
नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा, इकरा हसन, हरेंद्र सिंह मलिक, राजीव राय, मोहिबुल्लाह नदवी, नीरज मौर्य और जियाउर्रहमान बर्क समेत अन्य सांसद शामिल हैं। यह दौरा सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर हो रहा है।
सपा प्रतिनिधिमंडल रामपुर में क्या करेगा?
प्रतिनिधिमंडल रामपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात करेगा, विश्वविद्यालय को जारी नोटिसों की विस्तृत जानकारी लेगा और पार्टी नेतृत्व के लिए एक रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही, प्रशासन से आग्रह किया जाएगा कि सभी कानूनी मुद्दों के समाधान तक कोई तोड़फोड़ न की जाए।
क्या प्रशासन 15 दिन बाद सीधे बुलडोजर चला सकता है?
नोटिस के अनुसार, यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन 15 दिनों की निर्धारित समयसीमा में अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाता, तो जिला प्रशासन स्वयं विध्वंस की कार्यवाही शुरू कर सकता है। हालाँकि, सपा इस कार्रवाई को रोकने के लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर सक्रिय है।
इससे पहले सपा ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए थे?
शनिवार के संसदीय दौरे से पहले, सपा ने गुरुवार को विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजा था। यह एक सप्ताह में पार्टी का दूसरा बड़ा राजनीतिक हस्तक्षेप है।
राष्ट्र प्रेस
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