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मायावती ने जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण रोक का स्वागत किया, UP के सभी शिक्षण संस्थानों को नियमित करने की माँग

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मायावती ने जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण रोक का स्वागत किया, UP के सभी शिक्षण संस्थानों को नियमित करने की माँग

सारांश

मायावती ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक को सही ठहराया और माँग की कि UP में सभी शिक्षण संस्थाओं को तोड़ने के बजाय नियमित किया जाए। मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुँच चुका है।

मुख्य बातें

BSP प्रमुख मायावती ने 28 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक का स्वागत किया।
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे का बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।
मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने अपील पर सुनवाई के बाद अगले आदेश तक कार्रवाई पर रोक लगाई।
विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की है।
मायावती ने UP की सभी शिक्षण संस्थाओं के लिए बुलडोजर कार्रवाई के बजाय नियमितीकरण नीति अपनाने की माँग की।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने 28 जुलाई को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 शिक्षण भवनों के ध्वस्तीकरण पर लगाई गई रोक का स्वागत किया और इसे उचित निर्णय करार दिया। उन्होंने साथ ही माँग की कि उत्तर प्रदेश में जिन भी अन्य शिक्षण संस्थाओं में निर्माण संबंधी नियमों की अनुपालना में कमियाँ हैं, उन्हें ध्वस्त करने के बजाय नियमित किया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रहे।

मायावती का एक्स पर बयान

BSP प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विश्वविद्यालय समाजवादी पार्टी (SP) के नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा संचालित है।

नियमितीकरण की नीति की वकालत

मायावती ने तर्क दिया कि केवल जौहर विश्वविद्यालय तक सीमित न रहते हुए, पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसी सभी शिक्षण संस्थाओं पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के बजाय सरकार को उन्हें नियमित कराने की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे वहाँ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार BSP की इस 'जनहितैषी सलाह' पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि

रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित बताते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। यह आदेश RDA के उपाध्यक्ष एवं रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की ओर से जारी हुआ था।

आदेश के विरुद्ध विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने RDA के अध्यक्ष एवं मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान आयुक्त ने अगले आदेश तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका

इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में अनधिकृत निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और न्यायिक बहस तेज़ हो रही है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सरकार की बुलडोजर नीति का समर्थन, बल्कि छात्रहित की आड़ में नियमितीकरण की माँग उठाती हैं। गौरतलब है कि BSP और SP उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, इसलिए आजम खान के ट्रस्ट से जुड़े मामले में मायावती का हस्तक्षेप मुस्लिम मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। असली सवाल यह है कि 'नियमितीकरण नीति' की माँग तब क्यों उठती है जब मामला किसी बड़े नेता के ट्रस्ट से जुड़ा हो — छोटे अनधिकृत निर्माणों पर यही सहानुभूति नज़र नहीं आती।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर रोक क्यों लगाई गई?
रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत में अपील दायर की। सुनवाई के बाद आयुक्त ने अगले आदेश तक कार्रवाई पर रोक लगा दी।
RDA ने जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने का आदेश क्यों दिया था?
रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित बताया था। यह आदेश RDA के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की ओर से जारी हुआ था।
मायावती ने इस मामले में क्या माँग की है?
BSP प्रमुख मायावती ने माँग की है कि उत्तर प्रदेश में जिन भी शिक्षण संस्थाओं में निर्माण नियमों की अनुपालना में कमियाँ हैं, उन्हें ध्वस्त करने के बजाय नियमित किया जाए ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित न हो।
जौहर विश्वविद्यालय का मामला अब किस स्तर पर है?
मामला अब दो स्तरों पर विचाराधीन है — मंडलायुक्त की अदालत में अपील पर सुनवाई जारी है और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की है।
जौहर विश्वविद्यालय किसने स्थापित किया है?
यह विश्वविद्यालय समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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