डार्कहोविन न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिकी हमले का दावा, होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने रोके चार जहाज
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के खुजेस्तान प्रांत में निर्माणाधीन डार्कहोविन न्यूक्लियर पावर प्लांट की साइट पर रविवार, 19 जुलाई को तड़के अमेरिकी प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने का दावा किया गया है। ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन (एईओआई) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इसी दिन होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और गहरा गया जब ईरानी नौसेना ने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों को रोका।
हमले का विवरण और एईओआई का बयान
एईओआई के अनुसार, यह हमला स्थानीय समय के अनुसार सुबह 3:39 बजे (जीएमटी: 24:09 बजे) हुआ। संगठन ने इसे 'आक्रामक और क्रूर कार्रवाई' करार देते हुए कहा कि यह ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। हालांकि, एईओआई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस हमले में कोई हताहत हुआ या संपत्ति को किस हद तक नुकसान पहुँचा।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव — चार जहाज रोके
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने रविवार को दावा किया कि चार जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट में चेतावनियों को नजरअंदाज किया, अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए और अमेरिकी समर्थन से 'अव्यवस्था पैदा करने' की कोशिश की। आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया आउटलेट 'सेपा' न्यूज के अनुसार, इनमें से दो जहाजों का 'हादसा हो गया' और उन्हें रोक लिया गया, जबकि शेष दो को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। ईरानी नौसेना ने स्पष्ट किया कि इस जलमार्ग पर उसकी सेनाओं का पूर्ण नियंत्रण है और ईरान की अनुमति के बिना तेल, गैस या रासायनिक खाद की ढुलाई संभव नहीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान और पूर्व की कार्रवाई
इससे एक दिन पहले शनिवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि उसकी सेनाओं ने ईरान के सैन्य तटीय निगरानी केंद्रों, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री क्षमताओं और मिसाइल-ड्रोन भंडारण स्थलों पर हमलों का आठवाँ दौर पूरा कर लिया है। कमांड ने यह भी बताया कि मध्य पूर्व में तैनात 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक 'पूरी तरह सतर्क' हैं।
ईरान का जवाबी हमला — कुवैत में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
रविवार को ही ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत में स्थित अल-अदिरी कैंप और अली अल सलेम एयर बेस को ड्रोन हमलों के दो दौर में निशाना बनाया। ईरानी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के पुलों सहित नागरिक ढाँचे पर किए गए अमेरिकी हमलों का प्रत्युत्तर थी।
आगे क्या होगा
यह टकराव ऐसे समय में तेज हुआ है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है — पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है। क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इस संघर्ष के दीर्घकालिक प्रभाव की आशंका बनी हुई है।