बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर: 29 सितंबर को अमित शाह करेंगे उद्घाटन, CM रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III कॉरिडोर का पूर्ण निरीक्षण किया और घोषणा की कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्लीवासियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 29 सितंबर 2026 को इस कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निरीक्षण के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III अब दिल्लीवासियों की सेवा के लिए तैयार है। केंद्रीय एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा 29 सितंबर को इसके उद्घाटन से पहले आज मैंने पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली के अवसंरचना विकास को नई गति मिल रही है।
कॉरिडोर की विशेषताएँ
3.5 किलोमीटर लंबा यह चार-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-I से सराय काले खान के बीच सिग्नल-मुक्त संपर्क प्रदान करेगा और आगे एम्स सहित मध्य व दक्षिणी दिल्ली की ओर मौजूदा बारापुल्ला नेटवर्क से जुड़ेगा। इस परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत ₹1,635 करोड़ है।
यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है — व्यस्त समय में जहाँ यह दूरी तय करने में 35-40 मिनट लगते हैं, वहीं इस सिग्नल-मुक्त मार्ग से यह सफर मात्र 15 मिनट में पूरा होने की संभावना है।
इस कॉरिडोर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए समर्पित बुनियादी ढाँचा भी शामिल है, जिसमें यमुना के बाढ़ क्षेत्र के पार एक विशेष साइकिल ट्रैक भी है। इससे सराय काले खान, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईओवर और एनएच-24 जैसे प्रमुख बिंदुओं पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
बारापुल्ला फेज-III को 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कई कारणों से यह परियोजना बार-बार विलंब का शिकार होती रही और अब 2026 में जाकर पूरी हो सकी है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में यातायात की समस्या नागरिकों की सबसे बड़ी शिकायतों में से एक बनी हुई है।
आम जनता पर असर
पूर्वी दिल्ली और नोएडा से एम्स एवं दक्षिणी दिल्ली जाने वाले लाखों यात्रियों को इस कॉरिडोर से सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। सिग्नल-मुक्त मार्ग से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। गौरतलब है कि यह कॉरिडोर बारापुल्ला फेज-I और फेज-II के साथ मिलकर दिल्ली में एक व्यापक एलिवेटेड नेटवर्क का निर्माण करता है।
आगे क्या
उद्घाटन के बाद कॉरिडोर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के चालू होने से पूरे पूर्व-दक्षिण दिल्ली कनेक्टिविटी नेटवर्क को मज़बूती मिलेगी और आने वाले वर्षों में क्षेत्र में अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की गति भी तेज़ होगी।