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बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर: 29 सितंबर को अमित शाह करेंगे उद्घाटन, CM रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण

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बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर: 29 सितंबर को अमित शाह करेंगे उद्घाटन, CM रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण

सारांश

दिल्ली का बहुप्रतीक्षित बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर आखिरकार तैयार है — 2015 में शुरू और 2017 में पूरा होने का लक्ष्य, पर नौ साल की देरी के बाद। ₹1,635 करोड़ की लागत से बना यह 3.5 किमी का एलिवेटेड मार्ग पूर्वी दिल्ली और एम्स के बीच यात्रा का समय 40 मिनट से घटाकर 15 मिनट करेगा।

मुख्य बातें

अमित शाह 29 सितंबर 2026 को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III का उद्घाटन करेंगे।
CM रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर 2026 को पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया।
परियोजना की संशोधित लागत ₹1,635 करोड़ ; लंबाई 3.5 किलोमीटर , चार लेन।
मयूर विहार फेज-I से एम्स तक यात्रा का समय 35-40 मिनट से घटकर 15 मिनट होने की उम्मीद।
परियोजना 2014 में स्वीकृत, 2015 में शुरू, 2017 में पूरा होने का लक्ष्य था — लेकिन नौ साल की देरी के बाद 2026 में पूरी हुई।
कॉरिडोर में यमुना बाढ़ क्षेत्र के पार साइकिल ट्रैक और पैदल यात्री बुनियादी ढाँचा भी शामिल।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III कॉरिडोर का पूर्ण निरीक्षण किया और घोषणा की कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्लीवासियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 29 सितंबर 2026 को इस कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निरीक्षण के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III अब दिल्लीवासियों की सेवा के लिए तैयार है। केंद्रीय एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा 29 सितंबर को इसके उद्घाटन से पहले आज मैंने पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली के अवसंरचना विकास को नई गति मिल रही है।

कॉरिडोर की विशेषताएँ

3.5 किलोमीटर लंबा यह चार-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-I से सराय काले खान के बीच सिग्नल-मुक्त संपर्क प्रदान करेगा और आगे एम्स सहित मध्य व दक्षिणी दिल्ली की ओर मौजूदा बारापुल्ला नेटवर्क से जुड़ेगा। इस परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत ₹1,635 करोड़ है।

यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है — व्यस्त समय में जहाँ यह दूरी तय करने में 35-40 मिनट लगते हैं, वहीं इस सिग्नल-मुक्त मार्ग से यह सफर मात्र 15 मिनट में पूरा होने की संभावना है।

इस कॉरिडोर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए समर्पित बुनियादी ढाँचा भी शामिल है, जिसमें यमुना के बाढ़ क्षेत्र के पार एक विशेष साइकिल ट्रैक भी है। इससे सराय काले खान, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईओवर और एनएच-24 जैसे प्रमुख बिंदुओं पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।

परियोजना की पृष्ठभूमि

बारापुल्ला फेज-III को 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कई कारणों से यह परियोजना बार-बार विलंब का शिकार होती रही और अब 2026 में जाकर पूरी हो सकी है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में यातायात की समस्या नागरिकों की सबसे बड़ी शिकायतों में से एक बनी हुई है।

आम जनता पर असर

पूर्वी दिल्ली और नोएडा से एम्स एवं दक्षिणी दिल्ली जाने वाले लाखों यात्रियों को इस कॉरिडोर से सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। सिग्नल-मुक्त मार्ग से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। गौरतलब है कि यह कॉरिडोर बारापुल्ला फेज-I और फेज-II के साथ मिलकर दिल्ली में एक व्यापक एलिवेटेड नेटवर्क का निर्माण करता है।

आगे क्या

उद्घाटन के बाद कॉरिडोर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के चालू होने से पूरे पूर्व-दक्षिण दिल्ली कनेक्टिविटी नेटवर्क को मज़बूती मिलेगी और आने वाले वर्षों में क्षेत्र में अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की गति भी तेज़ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

2017 में पूरी होनी थी, और अब 2026 में जाकर उद्घाटन के लिए तैयार है। नौ साल की यह देरी किसी एक सरकार की विफलता नहीं, बल्कि दिल्ली की बहु-एजेंसी परियोजना प्रबंधन की पुरानी समस्या को रेखांकित करती है। ₹1,635 करोड़ की संशोधित लागत — मूल अनुमान से कितनी अधिक, यह स्पष्ट नहीं — और यात्रा समय में कटौती के दावे स्वागत योग्य हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह कॉरिडोर दिल्ली के यातायात में दीर्घकालिक सुधार लाता है या सिर्फ एक और उद्घाटन-समारोह बनकर रह जाता है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III कॉरिडोर का उद्घाटन कब और कौन करेगा?
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 29 सितंबर 2026 को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज-III कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर को पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया।
बारापुल्ला फेज-III कॉरिडोर किन इलाकों को जोड़ेगा?
यह 3.5 किलोमीटर लंबा चार-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-I और सराय काले खान के बीच सिग्नल-मुक्त संपर्क प्रदान करेगा। यह मौजूदा बारापुल्ला नेटवर्क से जुड़कर एम्स और दक्षिणी दिल्ली तक कनेक्टिविटी देगा।
इस कॉरिडोर से यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?
अधिकारियों के अनुसार, व्यस्त समय में मयूर विहार से एम्स की ओर जाने में जो 35-40 मिनट लगते हैं, वह सिग्नल-मुक्त मार्ग से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा। नोएडा से भी दक्षिणी दिल्ली की यात्रा तेज़ होगी।
बारापुल्ला फेज-III परियोजना की लागत और इतिहास क्या है?
इस परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत ₹1,635 करोड़ है। इसे 2014 में मंजूरी मिली, 2015 में निर्माण शुरू हुआ और 2017 तक पूरा होने का लक्ष्य था — लेकिन कई देरी के बाद यह 2026 में पूरी हो सकी।
क्या इस कॉरिडोर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधाएँ हैं?
हाँ, इस कॉरिडोर में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए समर्पित बुनियादी ढाँचा शामिल है। यमुना के बाढ़ क्षेत्र के पार एक विशेष साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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