सीएम रेखा गुप्ता का जाम मुक्त दिल्ली बनाने का संकल्प, मयूर विहार से एम्स तक होगी सिग्नल फ्री यात्रा

Click to start listening
सीएम रेखा गुप्ता का जाम मुक्त दिल्ली बनाने का संकल्प, मयूर विहार से एम्स तक होगी सिग्नल फ्री यात्रा

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

Key Takeaways

  • सीएम रेखा गुप्ता ने जाम मुक्त दिल्ली का संकल्प लिया है।
  • बारापुला फेज-III और एमबी रोड पर नई योजनाओं को मंजूरी दी गई।
  • यात्रा का समय घटेगा और ट्रैफिक जाम में कमी आएगी।
  • इन परियोजनाओं की लागत 1635.03 करोड़ और 1471.14 करोड़ रुपये है।
  • निर्माण कार्य 30 जून 2026 तक पूरा होगा।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक जाम को कम करने और लोगों की आवाजाही को सरल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

दिल्ली सरकार ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने बारापुला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर और एमबी रोड पर 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को राहत मिलेगी और दिल्ली की सड़कें अधिक आधुनिक और सुगम बनेंगी। ये योजनाएं 'विकसित दिल्ली' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में भी सहायक होंगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में इन दोनों योजनाओं को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सराय काले खां से मयूर विहार तक बारापुला नाले के ऊपर एलिवेटेड रोड (फेज-III) के निर्माण के लिए संशोधित लागत 1635.03 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। यह परियोजना मौजूदा बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर का विस्तार है और इसके पूरा होने पर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से दक्षिण दिल्ली में एम्स तक बिना सिग्नल के सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों का यात्रा समय बहुत कम होगा और सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के आसपास होने वाले ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी। इस परियोजना का निर्माण कार्य 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार के समय इस परियोजना में हुई अनावश्यक देरी को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले को एंटी-करप्शन ब्रांच को विस्तृत जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि देरी क्यों हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मौजूदा सरकार इस परियोजना को स्पष्ट वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने साकेत जी-ब्लॉक से पुल प्रह्लादपुर तक एमबी रोड पर 6-लेन एलिवेटेड रोड और अंडरपास बनाने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1471.14 करोड़ रुपये है और इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना दो हिस्सों में लागू की जाएगी। पहले हिस्से में साकेत जी-ब्लॉक से संगम विहार तक डबल-डेकर इंटीग्रेटेड स्ट्रक्चर का निर्माण होगा, जिसमें 6-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर, साकेत जी-ब्लॉक पर 6-लेन अंडरपास, बीआरटी कॉरिडोर से फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रैंप और एमबी रोड को बीआरटी कॉरिडोर से जोड़ने वाला दो लेन का अंडरपास शामिल होगा। परियोजना के दूसरे हिस्से में मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रह्लादपुर तक लगभग 2.48 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जो दिल्ली मेट्रो की टनल के ऊपर बनेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एमबी रोड दक्षिण दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है, जहां लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। यह परियोजना बनने के बाद साकेत, आंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार और पुल प्रह्लादपुर के बीच यातायात सुगम होगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और लोगों का सफर समय में काफी कमी आएगी।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को यह भी निर्देश दिया है कि एमबी रोड के बचे हुए हिस्सों का अलाइनमेंट भी जल्द तय किया जाए, जिसमें संगम विहार से मां आनंदमयी मार्ग और पुल प्रह्लादपुर से बदरपुर तक का हिस्सा शामिल है। इससे साकेत जी-ब्लॉक से बदरपुर तक पूरी एमबी रोड पर यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को आधुनिक, सुगम और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से लैस करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप दिल्ली में आधुनिक सड़क नेटवर्क, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 'विकसित दिल्ली' की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था अधिक कुशल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य दिल्ली में तेजी से, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से बुनियादी ढांचे का विकास करना है। जहां पिछली सरकार के समय परियोजनाएं लंबे समय तक अटकी रहीं और लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं वर्तमान सरकार समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कर राजधानी को बेहतर यातायात व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

ये परियोजनाएं कब तक पूरी होंगी?
इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन परियोजनाओं से क्या लाभ होगा?
इनसे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा का समय काफी घटेगा।
क्या ये परियोजनाएं पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को जोड़ेंगी?
हां, ये परियोजनाएं मयूर विहार से एम्स तक बिना सिग्नल के सीधे कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
इन परियोजनाओं की लागत क्या है?
बारापुला फेज-III की लागत 1635.03 करोड़ रुपये है और एमबी रोड की लागत 1471.14 करोड़ रुपये है।
क्या ये परियोजनाएं केवल सड़कों तक सीमित हैं?
नहीं, इनमें अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल हैं, जो यातायात को सुगम बनाएंगे।
Nation Press