बारापुला फेज-3 पर यातायात जाम: PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने AAP को ठहराया जिम्मेदार, डिजाइन पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली में हाल ही में चालू हुए बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पर यातायात जाम और धीमी वाहन गति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि परियोजना का डिजाइन और इससे जुड़े अहम निर्णय आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में ही लिए गए थे, इसलिए मौजूदा यातायात समस्याओं की जड़ें वहीं से हैं। दिल्ली यातायात पुलिस ने भी PWD को पत्र लिखकर कॉरिडोर की कई संरचनात्मक खामियों की ओर ध्यान दिलाया है।
परियोजना की पृष्ठभूमि और देरी
वर्मा के अनुसार, बारापुला फेज-3 परियोजना 28 अप्रैल 2015 को शुरू हुई थी और इसे 30 महीनों में, यानी 27 अक्टूबर 2017 तक पूरा किया जाना था। परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत ₹1,057 करोड़ थी, जबकि निर्माण कंपनी ने ₹964 करोड़ की निविदा प्रस्तुत की थी। हालांकि, परियोजना में करीब नौ साल की देरी हुई और अंततः इसे ₹1,635 करोड़ की लागत से पूरा किया गया।
मंत्री ने बताया कि फ्लाईओवर के लिए कुल 298 पिलर बनाए जाने थे, जिनमें से 288 पिलर — यानी करीब 80 प्रतिशत निर्माण — भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के फरवरी 2025 में सत्ता में आने से पहले ही पूरा हो चुका था।
लागत वृद्धि और मध्यस्थता विवाद
वर्मा ने आरोप लगाया कि परियोजना में देरी के चलते करदाताओं के पैसे की भारी बर्बादी हुई। उनके अनुसार, BJP सरकार के सत्ता में आने से पहले ठेकेदार को ₹36.66 करोड़ की पहली लागत वृद्धि और ₹39.85 करोड़ की दूसरी लागत वृद्धि का भुगतान किया गया। इसके बाद ठेकेदार ने अनुबंध में मौजूद मध्यस्थता प्रावधान के तहत मामला उठाया और 29 सितंबर 2021 को उसे ₹44 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किए जाने का दावा किया गया।
दो-लेन डिजाइन पर सवाल
मंत्री ने बारापुला फेज-3 के दो-लेन वाले डिजाइन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि डीएनडी फ्लाईवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तुलना में यमुना के ऊपर बने इस कॉरिडोर को दोनों तरफ महज दो-दो लेन का बनाया जाना, भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि ₹1,000 करोड़ से अधिक के सार्वजनिक धन से बनने वाले बुनियादी ढाँचे की योजना अगले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए थी।
वर्मा ने कहा, 'आम आदमी पार्टी झूठ को सच साबित करने में माहिर है। झूठ को सच के तौर पर पेश करने में उनका कोई मुकाबला नहीं है।'
यातायात पुलिस की सिफारिशें
दिल्ली यातायात पुलिस ने PWD को लिखे पत्र में सुंदरियल पार्क के पास मर्जिंग प्वाइंट को नए सिरे से डिजाइन करने और गुरुद्वारा बाला साहिब के पास एक समर्पित यू-टर्न बनाने का सुझाव दिया है। पुलिस ने लेन की क्षमता और मर्जिंग प्वाइंट की बनावट में असंगति को जाम का प्रमुख कारण बताया है।
आगे क्या होगा
वर्मा ने बताया कि मौजूदा सरकार यातायात समस्या दूर करने के लिए कई तत्काल उपायों पर काम कर रही है, जिनमें नया यू-टर्न बनाना, एक अतिरिक्त लेन जोड़ने की संभावना तलाशना और प्रमुख मर्जिंग प्वाइंट में बदलाव शामिल हैं। यातायात की वास्तविक समय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए Google के साथ चर्चा भी जारी है। मंत्री के अनुसार, अगले 10 से 15 दिनों में यात्रियों को स्थिति में सुधार दिखाई दे सकता है।
उल्लेखनीय है कि करीब ₹1,635 करोड़ की लागत से बना बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर, नोएडा लिंक रोड स्थित मयूर विहार फेज-1 को रिंग रोड स्थित सराय काले खां से जोड़ता है और मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़कर एम्स गोलचक्कर तक करीब 10 किलोमीटर लंबे सिग्नल-फ्री मार्ग का हिस्सा बनता है।