बारापुला फ्लाईओवर 30 जून तक पूरा होगा: लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा का निरीक्षण के बाद ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार, 26 मई को बारापुला फ्लाईओवर के निर्माण स्थल का स्वयं निरीक्षण किया और पत्रकारों को स्पष्ट किया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना 30 जून 2025 तक निर्धारित समय पर पूरी हो जाएगी। दक्षिणी दिल्ली को पूर्वी दिल्ली और नोएडा से जोड़ने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर 2017 में ही तैयार हो जाना था, लेकिन कथित तौर पर लगभग 8-9 साल की देरी के बाद अब यह अंतिम चरण में है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रवेश वर्मा ने बताया कि 20 फरवरी को शपथ लेने के तुरंत बाद वे इस रुकी हुई परियोजना का जायज़ा लेने पहुँचे थे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहली बार कोई मंत्री इस स्थल पर आया है। इसके बाद से उनके कार्यालय द्वारा हर सप्ताह परियोजना की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
12 मई को भी वर्मा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि निर्माण कंपनी को पिछली सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने की शिकायत थी, जिसके चलते काम बाधित हुआ था। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें भुगतान करना शुरू कर दिया और अब पुल लगभग बनकर तैयार है।'
पिछली सरकारों पर आरोप
वर्मा ने पिछली सरकारों पर इस परियोजना के प्रति गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) प्राप्त करने में भी सहयोग नहीं मिला, जिससे निर्माण कार्य वर्षों तक लटका रहा। गौरतलब है कि यह परियोजना एक दशक से भी अधिक समय से अधूरी पड़ी थी।
देश का पहला साइकिल कॉरिडोर युक्त फ्लाईओवर
वर्मा ने इस परियोजना की एक विशेष उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि यह देश का पहला ऐसा फ्लाईओवर है जिसमें साइकिल कॉरिडोर शामिल किया गया है। इसमें एक अलग लेन बनाई गई है जहाँ साइकिल और दोपहिया वाहन चालक मुख्य यातायात से अलग सुरक्षित रूप से चल सकेंगे। मंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य में इस परियोजना के साथ कुछ और सुविधाएँ भी जोड़ी जा सकती हैं।
आम जनता पर असर
बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। इसके पूरा होने से दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और नोएडा के बीच यातायात सुगम होगा और लाखों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी। साइकिल लेन के जुड़ने से यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा देगी।
क्या होगा आगे
मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, निर्माण कार्य पूरी तरह समयसीमा पर है और 30 जून 2025 तक फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिए जाने की योजना है। यह दिल्ली सरकार की प्राथमिकता वाली बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में से एक है और इसके उद्घाटन से शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।