18 जुलाई 2026
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क्या छत्तीसगढ़ में 'बस्तर पांडुम 2026' महोत्सव के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया?

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क्या छत्तीसगढ़ में 'बस्तर पांडुम 2026' महोत्सव के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया?

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'बस्तर पांडुम 2026' महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह महोत्सव आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। जानिए इस महोत्सव के बारे में और क्या खास होने वाला है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को महोत्सव में आमंत्रित किया।
बस्तर पांडुम का उद्देश्य आदिवासी संस्कृति का संरक्षण और प्रदर्शन है।
महोत्सव तीन चरणों में होगा, जिसमें अंतिम चरण फरवरी 2026 में होगा।
बस्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का अवसर।
आदिवासी समुदायों के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की और उन्हें राज्यस्तरीय आदिवासी सांस्कृतिक उत्सव 'बस्तर पांडुम 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे विकास के बारे में सूचना दी, साथ ही यह भी बताया कि यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर क्षेत्र की समृद्ध आदिवासी कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की आदिवासी विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संरक्षित और प्रदर्शित करना है।

यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें, और इसका भव्य समापन अगले महीने बस्तर में होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी संस्कृति का जश्न मनाने और उसकी सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को आदिवासी क्षेत्रों के विकास में छत्तीसगढ़ सरकार की पहलों और प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदायों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही उनकी विशेष सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और संवर्धन भी सुनिश्चित करेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आदिवासी विरासत से जुड़े इस प्रयास की सराहना की और बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

बस्तर पंडुम 2026 में लोक नृत्य, लोक गीत, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, आदिवासी व्यंजन, पारंपरिक परिधान और अन्य देसी कलाओं का भव्य प्रदर्शन होगा, जो बस्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बस्तर पांडुम 2026 कब आयोजित होगा?
यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में होगा।
इस महोत्सव का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की आदिवासी विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करना है।
मुख्य अतिथि कौन होंगे?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
इस महोत्सव में क्या कुछ खास होगा?
महोत्सव में लोक नृत्य, लोक गीत, आदिवासी खाना, हस्तशिल्प और पारंपरिक संगीत का प्रदर्शन होगा।
यह महोत्सव किस क्षेत्र में आयोजित होगा?
यह महोत्सव बस्तर क्षेत्र में आयोजित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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