रेजीनगर उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार का धरना, दोबारा मतदान की मांग; BJP ने बताया बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर 2026 को हो रहे उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने की मांग को लेकर रेजीनगर पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मुख्य घटनाक्रम
काफी ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों ने मतदाताओं को वोट डालने से रोका, जिसमें विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया गया। उनका यह भी कहना था कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने इस दौरान हस्तक्षेप नहीं किया।
पत्रकारों से बातचीत में काफी ने कहा, 'रेजीनगर में वोटिंग एक मजाक बन गई है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए और रेजीनगर में पूरी तरह से दोबारा वोटिंग हो।'
BJP की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार अपनी संभावित भारी हार के डर से ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
भट्टाचार्य ने दावा किया, 'रेजीनगर और नंदीग्राम में उपचुनाव चल रहे हैं। BJP उम्मीदवार दोनों सीटों से जीतेंगे। रेजीनगर अल्पसंख्यक बहुल इलाका है — हम वहां भी जीतेंगे। नंदीग्राम में पिछली बार जीते गए अंतर से पाँच गुना ज़्यादा अंतर से जीतने जा रहे हैं।'
नंदीग्राम में भी तनाव
उपचुनाव से प्रभावित दूसरे निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में भी कहीं-कहीं तनाव देखने को मिला। वहाँ से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने पिछले दो दिनों से मतदाताओं को डराना शुरू कर दिया था और मतदान के दिन सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने 'सारी हदें पार कर दीं।'
प्रधान ने कहा, 'चुनाव में हिस्सा लेने का हक सभी को है। लेकिन नंदीग्राम में वह लोकतांत्रिक हक इस्तेमाल करने की कोई स्थिति नहीं है। जिन इलाकों को BJP-विरोधी माना जाता है, सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता उन्हें खास तौर पर निशाना बना रहे हैं। हम ऐसे मामलों के बारे में चुनाव आयोग (ECI) को अपडेट कर रहे हैं।'
चुनाव आयोग का रुख
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, मंगलवार सुबह से प्राप्त अधिकतर शिकायतें कांग्रेस की ओर से थीं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की निष्पक्षता लंबे समय से बहस का विषय रही है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले कई चुनावों में भी मतदान-दिवस हिंसा और धाँधली के आरोप लगते रहे हैं।
आगे क्या होगा
दोबारा मतदान की माँग पर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग को करना है, जो शिकायतों की जाँच कर रहा है। मतगणना की तारीख अभी तय होनी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन उपचुनावों के नतीजे तृणमूल कांग्रेस (TMC), BJP और कांग्रेस के बीच राज्य की बदलती राजनीतिक गोलबंदी का संकेत देंगे।