6 अक्टूबर 2026
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रेजीनगर उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार का धरना, दोबारा मतदान की मांग; BJP ने बताया बेबुनियाद

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रेजीनगर उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार का धरना, दोबारा मतदान की मांग; BJP ने बताया बेबुनियाद

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव में कांग्रेस का धरना और दोबारा मतदान की माँग, BJP का पलटवार — मुर्शिदाबाद और नंदीग्राम दोनों सीटों पर तनाव के बीच शिकायतों की बाढ़ ने चुनाव आयोग की भूमिका को केंद्र में ला दिया है।

मुख्य बातें

रेजीनगर उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने 6 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिया।
काफी ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने अल्पसंख्यक मतदाताओं को कई बूथों पर वोट डालने से रोका।
BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और दोनों सीटों पर जीत का दावा किया।
नंदीग्राम में भी कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग (ECI) को शिकायत दी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मंगलवार सुबह से मिली अधिकतर शिकायतें कांग्रेस की ओर से थीं।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर 2026 को हो रहे उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने की मांग को लेकर रेजीनगर पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मुख्य घटनाक्रम

काफी ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों ने मतदाताओं को वोट डालने से रोका, जिसमें विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया गया। उनका यह भी कहना था कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने इस दौरान हस्तक्षेप नहीं किया।

पत्रकारों से बातचीत में काफी ने कहा, 'रेजीनगर में वोटिंग एक मजाक बन गई है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए और रेजीनगर में पूरी तरह से दोबारा वोटिंग हो।'

BJP की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार अपनी संभावित भारी हार के डर से ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

भट्टाचार्य ने दावा किया, 'रेजीनगर और नंदीग्राम में उपचुनाव चल रहे हैं। BJP उम्मीदवार दोनों सीटों से जीतेंगे। रेजीनगर अल्पसंख्यक बहुल इलाका है — हम वहां भी जीतेंगे। नंदीग्राम में पिछली बार जीते गए अंतर से पाँच गुना ज़्यादा अंतर से जीतने जा रहे हैं।'

नंदीग्राम में भी तनाव

उपचुनाव से प्रभावित दूसरे निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में भी कहीं-कहीं तनाव देखने को मिला। वहाँ से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने पिछले दो दिनों से मतदाताओं को डराना शुरू कर दिया था और मतदान के दिन सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने 'सारी हदें पार कर दीं।'

प्रधान ने कहा, 'चुनाव में हिस्सा लेने का हक सभी को है। लेकिन नंदीग्राम में वह लोकतांत्रिक हक इस्तेमाल करने की कोई स्थिति नहीं है। जिन इलाकों को BJP-विरोधी माना जाता है, सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता उन्हें खास तौर पर निशाना बना रहे हैं। हम ऐसे मामलों के बारे में चुनाव आयोग (ECI) को अपडेट कर रहे हैं।'

चुनाव आयोग का रुख

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, मंगलवार सुबह से प्राप्त अधिकतर शिकायतें कांग्रेस की ओर से थीं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की निष्पक्षता लंबे समय से बहस का विषय रही है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले कई चुनावों में भी मतदान-दिवस हिंसा और धाँधली के आरोप लगते रहे हैं।

आगे क्या होगा

दोबारा मतदान की माँग पर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग को करना है, जो शिकायतों की जाँच कर रहा है। मतगणना की तारीख अभी तय होनी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन उपचुनावों के नतीजे तृणमूल कांग्रेस (TMC), BJP और कांग्रेस के बीच राज्य की बदलती राजनीतिक गोलबंदी का संकेत देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सत्तारूढ़ भूमिका पर बहस कमज़ोर नज़र आती है। मतदान की विश्वसनीयता तब ही बहाल होगी जब शिकायतों की जाँच स्वतंत्र और समयबद्ध हो।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में दोबारा मतदान की माँग क्यों उठी?
कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने कई बूथों पर अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट डालने से रोका और पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया। इसी के विरोध में उन्होंने पुलिस स्टेशन के सामने धरना देकर पूरे क्षेत्र में नए सिरे से मतदान की माँग की।
BJP ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि कांग्रेस उम्मीदवार संभावित हार के डर से ऐसे दावे कर रहे हैं; BJP ने दोनों सीटों — रेजीनगर और नंदीग्राम — पर जीत का दावा किया।
नंदीग्राम उपचुनाव में क्या हालात रहे?
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने BJP-विरोधी इलाकों को खास तौर पर निशाना बनाया और पिछले दो दिनों से मतदाताओं को डराया जा रहा था। उन्होंने इन मामलों की जानकारी चुनाव आयोग को दी।
चुनाव आयोग ने शिकायतों पर क्या रुख अपनाया?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, मंगलवार सुबह से प्राप्त अधिकतर शिकायतें कांग्रेस की ओर से थीं। दोबारा मतदान पर कोई अंतिम निर्णय अभी तक नहीं आया है और जाँच जारी है।
रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?
ये दोनों सीटें पश्चिम बंगाल में रिक्त होने के कारण उपचुनाव के लिए निर्धारित की गईं। इनके नतीजे राज्य में TMC, BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक शक्ति संतुलन का संकेत देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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