रेजीनगर उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार ने लगाया ईवीएम और वोट चोरी का आरोप, पुनर्मतदान की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना जारी है और इसी बीच कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी ने मतदान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। काफी ने कथित तौर पर ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़, वोटों की चोरी और सीसीटीवी फुटेज से हेरफेर के आरोप लगाते हुए पूरे चुनाव को रद्द कर दोबारा मतदान कराने की माँग की है।
मुख्य आरोप और दावे
काफी ने कहा कि सागरदिघी इलाके सहित कई स्थानों पर मतदान के दौरान धांधली हुई। उनके अनुसार, कई बूथों पर ईवीएम मशीनें लूटी गईं और सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने एक विशेष मतगणना तालिका का हवाला देते हुए कहा, '750 से अधिक वोट पड़े, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत भाजपा को दर्शाए गए और केवल 43 वोट अन्य दलों को मिले — यह स्पष्ट रूप से धांधली है।'
काफी ने यह भी कहा, 'हम चाहते हैं कि यह पूरा चुनाव रद्द किया जाए। आखिर यह कैसा मतदान है, जहाँ सब कुछ पहले से तय लगता है?'
राजनीतिक संदर्भ और आरोपों की पृष्ठभूमि
कांग्रेस उम्मीदवार ने कथित तौर पर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के उस बयान की ओर इशारा किया जिसमें उन्होंने कथित रूप से पहले ही बड़े अंतर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का दावा किया था। काफी ने कहा कि यह दावा अब 'सुनियोजित प्रतीत होता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के संरक्षण में अपराधी तत्वों ने पुलिस-प्रशासन के सहयोग से वोटों का हेरफेर किया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और धांधली के आरोप कोई नई बात नहीं हैं। विभिन्न विधानसभा और उपचुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने अतीत में भी इस प्रकार के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए काफी ने कहा कि राहुल गांधी हर बार वोट चोरी की बात कहते हैं और इस उपचुनाव ने वह आशंका 'साबित कर दी।'
मतगणना में कांग्रेस की स्थिति
काफी ने स्वीकार किया कि अब तक की मतगणना में वे दूसरे स्थान पर चल रहे हैं और पहले स्थान पर चल रहे उम्मीदवार से उनका अंतर काफी अधिक है। उन्होंने इस अंतर को धांधली का परिणाम बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा को जिताने के लिए सुनियोजित तरीके से मतों में हेरफेर किया गया।
माँग और आगे की राह
कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील करते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दोबारा मतदान कराने की माँग की है। यह ध्यान देने योग्य है कि ये सभी दावे अब तक केवल कांग्रेस उम्मीदवार की तरफ से आए हैं; चुनाव आयोग, राज्य सरकार या BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। मतगणना के अंतिम परिणाम और इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का रुख आने वाले घंटों में स्पष्ट होने की संभावना है।