3 अगस्त 2026
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क्या बंगाल पुलिस ने नकली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र रैकेट का भंडाफोड़ किया है?

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क्या बंगाल पुलिस ने नकली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र रैकेट का भंडाफोड़ किया है?

सारांश

कोलकाता में एक बड़े नकली जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें एक दंपति गिरफ्तार हुआ है। यह रैकेट हजारों प्रमाणपत्र जारी करता था। जानिए इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है।

मुख्य बातें

बंगाल पुलिस ने नकली दस्तावेज रैकेट का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार दंपति ने हजारों नकली प्रमाणपत्र जारी किए।
पुलिस की जांच अभी भी जारी है।
नकली दस्तावेजों का कारोबार समाज के लिए खतरा है।
इस तरह के रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

कोलकाता, 24 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बंगाल पुलिस ने साउथ 24 परगना जिले के गोसाबा क्षेत्र में कार्यरत एक बड़े नकली जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र रैकेट का खुलासा किया है, जो हजारों ऐसे प्रमाणपत्र जारी करता था। शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई शिकायत के बाद कोलकाता के एक दंपति को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गोसाबा के पठानकोली से नकली डेथ सर्टिफिकेट बनाए गए थे, जो सुंदरबन नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार है।

गिरफ्तार दंपति की पहचान जॉर्ज क्लिंटन डिक्सन और उनकी पत्नी कैरल एरिक्सन डिक्सन के रूप में हुई है। उन्होंने कथित तौर पर शेक्सपियर सरानी इलाके में एक किराए की दुकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने के लिए नकली डेथ सर्टिफिकेट प्राप्त किया था।

पुलिस के अनुसार, सरल रॉय और नित्यरंजन घोष ने कोलकाता में एजेसी बोस रोड पर एक दुकान किराए पर ली थी। डिक्सन दंपति ने उस स्थान को सबलीज पर ले लिया। हालांकि, आरोप यह है कि उन्होंने प्रॉपर्टी पर पूर्ण कब्जा करने के लिए नित्यरंजन घोष का नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवाया।

जांच में पता चला कि नित्यरंजन घोष की मृत्यु 2014 में हो गई थी और उनके परिवार को उनका असली डेथ सर्टिफिकेट मिल चुका था। लेकिन, अपने लाभ के लिए पिछले साल अगस्त में एक एजेंट के माध्यम से नित्यरंजन घोष का नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवाया गया। इसे अदालत में पेश करने के बाद नकली घोषित किया गया। इस पर शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।

जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि एजेंट ने गोसाबा के पठानकोली के गौतम सरदार के माध्यम से नकली डेथ सर्टिफिकेट तैयार किया और इसे डिक्सन दंपति को सौंपा।

पुलिस के अनुसार, गौतम सरदार के माध्यम से 3000 नकली बर्थ सर्टिफिकेट और 510 नकली डेथ सर्टिफिकेट बनाए गए। पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है।

कोलकाता और आस-पास के क्षेत्रों में पहले के नकली पासपोर्ट के मामले में भी पठानखाली के पास नकली बर्थ सर्टिफिकेट का पता चला था। पुलिस ने रैकेट के कथित सरगना को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है क्योंकि उसके अन्य सहयोगियों को पकड़ने की कोशिश चल रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रैकेट का मुख्य सरगना कौन है?
पुलिस ने रैकेट के कथित सरगना को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं बताई गई है।
क्या पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
अभी तक केवल डिक्सन दंपति को गिरफ्तार किया गया है, बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
इस रैकेट में कितने नकली प्रमाणपत्र बनाए गए?
पुलिस के अनुसार, गौतम सरदार के माध्यम से 3000 नकली बर्थ सर्टिफिकेट और 510 नकली डेथ सर्टिफिकेट बनाए गए।
इस रैकेट का खुलासा कैसे हुआ?
पुलिस ने शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के बाद जांच शुरू की थी।
क्या इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
जी हां, पुलिस अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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