क्या बेंगलुरु में बांग्लादेशियों का विवरण जुटाने के लिए जी. परमेश्वर ने निर्देश दिए?

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क्या बेंगलुरु में बांग्लादेशियों का विवरण जुटाने के लिए जी. परमेश्वर ने निर्देश दिए?

सारांश

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बेंगलुरु में बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी जुटाने का आदेश दिया है। उन्होंने सतर्कता के नाम पर कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दी। यह कदम बेंगलुरु की शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। क्या यह कदम सही है?

मुख्य बातें

बेंगलुरु में बांग्लादेशी नागरिकों का विवरण जुटाने का आदेश दिया गया है।
सतर्कता के नाम पर कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दी गई है।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के बाद उन्हें निर्वासित किया जाएगा।
सरकार ने आरोप लगाया है कि विपक्ष तनाव पैदा कर रहा है।
यह कदम बेंगलुरु की शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

बेंगलुरु, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि बेंगलुरु एक शांतिपूर्ण शहर होने के कारण यहां बांग्लादेशी नागरिक निवास कर रहे हैं। उन्होंने इस संदर्भ में कर्नाटक पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह बेंगलुरु सहित पूरे राज्य में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों का विवरण एकत्र करे। हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं और अन्य संगठनों को सतर्कता के नाम पर कानून अपने हाथ में न लेने की सख्त चेतावनी भी दी।

मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक एम.ए. सलीम और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वे राज्य में निवास करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी जुटाएं। उन्होंने कहा कि यह जांच की जाएगी कि वे कहां रह रहे हैं, उनके पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं, और यदि हैं तो वे दस्तावेज उन्हें कहां और कैसे प्राप्त हुए।

परमेश्वर ने कहा, “वे ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो वे बांग्लादेशी हों ही नहीं। इसकी सत्यता की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हमने पहले भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को देश से बाहर भेजा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि आरोप हैं कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक सीमा पर रिश्वत देकर भारत में प्रवेश कर रहे हैं। इस पर उन्होंने केंद्र सरकार की जिम्मेदारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा केंद्र सरकार, सीमा सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “वे रिश्वत देकर आते हैं या चुपचाप घुसपैठ करते हैं, यह जांच का विषय है।”

गृह मंत्री ने बताया कि पहले सकलेशपुर और आसपास के इलाकों में कॉफी बागानों में काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा गया था। उन्होंने कहा कि ये लोग आमतौर पर दिहाड़ी और छोटे-मोटे कामों के लिए आते हैं और अब यह भी सूचना है कि बेंगलुरु के बाहरी इलाके अनेकल क्षेत्र में भी कुछ लोग बसे हुए हैं। उन्होंने कहा, “वे जहां भी हों, उनकी पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा।”

परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को दस्तावेज जांचने या लोगों से बदसलूकी करने का अधिकार नहीं है। कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। यदि किसी के पास जानकारी है, तो वह पुलिस को दे, कार्रवाई हम करेंगे। यदि कोई नेता या संगठन किसी से मारपीट करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या और निर्वासन से जुड़े आधिकारिक आंकड़े D.G. एवं I.G.P. और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के माध्यम से जारी किए जाएंगे। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा पारित एक विधेयक पर राज्यपाल को सभी आवश्यक स्पष्टीकरण पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह गैर-जरूरी बयान देकर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

तुमकुरु में महात्मा गांधी स्टेडियम का नाम बदलने के आरोपों को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक केवल स्टेडियम परिसर की एक संरचना का नाम उनके नाम पर रखना चाहते थे, जिसे विपक्ष सहन नहीं कर पा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके निवास की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। कर्नाटक सरकार की यह पहल सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से है। लेकिन कानून अपने हाथ में लेने की चेतावनी भी महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी प्रकार की साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति को रोका जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेशी नागरिकों का विवरण क्यों जुटाया जा रहा है?
यह कदम बेंगलुरु में शांति बनाए रखने और अवैध आव्रजन की समस्या को हल करने के लिए उठाया गया है।
क्या किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है?
नहीं, गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या कितनी है?
इसकी आधिकारिक जानकारी D.G. एवं I.G.P. तथा बेंगलुरु पुलिस आयुक्त द्वारा जारी की जाएगी।
क्या बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया जाएगा?
हां, सरकार ने कहा है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा।
सरकार ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया है?
सरकार ने आरोप लगाया है कि विपक्ष गैर-जरूरी बयान देकर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस