क्या मध्य प्रदेश के बेतूल में भगवा झंडे जलाने के आरोप में दो गिरफ्तार?

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क्या मध्य प्रदेश के बेतूल में भगवा झंडे जलाने के आरोप में दो गिरफ्तार?

सारांश

मध्य प्रदेश के बेतूल में एक हिंदू सम्मेलन की तैयारियों के दौरान भगवा झंडे जलाने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना क्षेत्र में तनाव का कारण बनी है, जहां दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जानिए इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई।

Key Takeaways

  • बेतूल में भगवा झंडों का जलाना एक गंभीर घटना है।
  • पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • आर्थिक और सामाजिक स्थिरता के लिए तटस्थता बनाए रखना आवश्यक है।
  • धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कृत्यों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
  • सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।

बेतूल, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश पुलिस ने शनिवार को बेतूल जिले के लोहिया कस्बे में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन की तैयारियों के तहत लगाए गए भगवा झंडों को कथित तौर पर हटाने और जलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस स्टेशन में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ असामाजिक तत्वों ने शुक्रवार रात सम्मेलन स्थल और सड़क किनारे लगाए गए भगवा झंडों को जला दिया था।

शिकायत हिंदू सम्मेलन की आयोजन समिति के सदस्य रोमित उइके ने दर्ज कराई थी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत 18 जनवरी को आयोजित होने वाला हिंदू सम्मेलन एक सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम है।

पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के जब स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता एक शाखा के लिए एकत्रित हुए और प्रभात-फेरी के लिए निकले तो उन्होंने देखा कि लगभग आठ से दस भगवा झंडे गायब थे और कथित तौर पर जला दिए गए थे।

इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया, क्योंकि बड़ी संख्या में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और मामले की जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

बेतूल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जांच के आदेश दिए।

इस बीच, इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा तैनात की गई और क्षेत्र को घेराबंदी कर दी गई।

जांच के दौरान, पुलिस टीमों ने आसपास की इमारतों में लगे कई सीसीटीवी कैमरों की जांच की और पाया कि दो व्यक्ति कथित तौर पर भगवा झंडे हटा रहे थे।

एसपी जैन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दो व्यक्ति एक सैंट्रो कार में आए, भगवा झंडे हटाए और उन्हें जला दिया। इसके बाद आरोपियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया।

घंटों की तलाशी के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों व्यक्तियों का पता लगा लिया और शनिवार शाम तक उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों की पहचान तौफीक और मुशर्रफ के रूप में हुई है।

बेतूल के एसपी जैन के अनुसार उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Point of View

ताकि शांति और सद्भाव बनाए रखा जा सके। समाज में किसी भी तरह की असमंजस से बचने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या भगवा झंडे जलाने की घटना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की?
जी हां, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस घटना का क्या कारण था?
यह घटना कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन की तैयारियों को लक्ष्य बनाकर की गई थी।
क्या गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम क्या है?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम तौफीक और मुशर्रफ हैं।
क्या इलाके में तनाव पैदा हुआ था?
हां, इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है।
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