विश्वकर्मा जयंती पर CM योगी बोले — भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के शिल्पी, PM मोदी नए भारत के
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 सितंबर 2026 को गोरखपुर के जटाशंकर स्थित श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो देश अपने शिल्पकारों और कारीगरों का सम्मान करता है, वही राष्ट्र समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता है। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती को विशेष बताते हुए कहा कि यह दिन दोहरे उत्सव का दिन है — एक ओर सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है।
मुख्यमंत्री का संबोधन और मुख्य बातें
मंदिर में विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की आराधना करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार और कारीगरी के अन्य सभी पेशों से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्पकला ही स्वावलंबन का मूल आधार रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज़ादी के बाद दशकों तक यह हुनर और शिल्प-कारीगरी उपेक्षा का शिकार रही।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में सृष्टि के शिल्पी के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैं प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों की तरफ से हृदय से बधाई देता हूँ। यह प्रार्थना है कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे और उनकी विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।'
पीएम विश्वकर्मा योजना और डबल इंजन सरकार
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इसी भावना को अपनाकर पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का मंच प्रदान किया। इस योजना के तहत शिल्प और कारीगरी को आधुनिक तकनीक तथा नए बाज़ारों से जोड़कर कारीगरों को समृद्धि की राह दिखाई गई है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने पहली बार शिल्पकारों और कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और रोज़गार के विभिन्न आयामों से जोड़ा। उनके अनुसार, इस प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में आज 3 करोड़ से अधिक लोग कारीगरी और शिल्प से जुड़कर रोज़गार एवं स्वावलंबन की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ — उपेक्षा से सम्मान तक
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार परंपरागत शिल्प और कारीगर वर्ग को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों को नई गति दे रही है। गौरतलब है कि पीएम विश्वकर्मा योजना सितंबर 2023 में लॉन्च की गई थी और इसका उद्देश्य परंपरागत शिल्पकारों को औपचारिक वित्तीय एवं कौशल विकास तंत्र से जोड़ना था। मुख्यमंत्री के बयान इसी योजना के उत्तर प्रदेश में कथित सफल क्रियान्वयन की ओर इशारा करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हर कारीगर और शिल्पी पूजन के ज़रिए सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है, जो कारीगर वर्ग में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
पुस्तक विमोचन और कार्यक्रम की झलकियाँ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सुदीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए विकसित भारत की परिकल्पना के शीघ्र साकार होने की प्रार्थना की। यह कार्यक्रम गोरखपुर के जटाशंकर मंदिर परिसर में आयोजित हुआ, जो मुख्यमंत्री के गृहनगर में उनकी राजनीतिक एवं सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों की संख्या और उनकी आय में वृद्धि के आँकड़े किस हद तक सरकारी दावों की पुष्टि करते हैं।