भारत और अमेरिका के स्पेशल फोर्सेज का महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार'
सारांश
Key Takeaways
- अभ्यास का नाम: वज्र प्रहार
- स्थान: हिमाचल प्रदेश
- भाग लेने वाले सैनिक: ४५ भारतीय कमांडो और १२ अमेरिकी सैनिक
- अभ्यास की अवधि: २४ फरवरी से १६ मार्च २०२४ तक
- उद्देश्य: संयुक्त सैन्य संचालन में सुधार
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका एक बार फिर एकजुट हुए हैं। इस बार दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज एक साथ मिलकर अभ्यास 'वज्र प्रहार' का आयोजन कर रही हैं। यह सैन्य अभ्यास मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बकलोह में स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल में आरंभ हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में सैनिकों को उच्च स्तर की शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, संयुक्त मिशन योजना और जमीनी स्तर पर टैक्टिकल ड्रिल्स की परिकल्पना की जाएगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास केवल प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक भी है। इससे दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच विश्वास, पेशेवर समझ और मित्रता और गहरी होने की संभावना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बढ़ते रक्षा संबंधों का संकेत भी है। दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच परस्पर विश्वास, पेशेवर सौहार्द और संचालनात्मक तालमेल को और गहरा करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित संयुक्त अभ्यास वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों की संयुक्त क्षमता को बढ़ाते हैं। 'वज्र प्रहार' अभ्यास का यह १६वां संस्करण है। इस अभ्यास के माध्यम से भारत और अमेरिका एक बार फिर यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी रक्षा साझेदारी केवल रणनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी लगातार मजबूत हो रही है। यह सैन्य अभ्यास २४ फरवरी से आरंभ होकर १६ मार्च तक जारी रहेगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सेना की एक विशेष टीम इस अभ्यास के लिए भारत पहुँच चुकी है। इस अभ्यास में भारतीय सेना की तरफ से ४५ कमांडो भाग ले रहे हैं, जबकि अमेरिका की तरफ से १२ सैनिक शामिल हैं। ये सभी अमेरिकी सैनिक स्पेशल फोर्सेज के प्रसिद्ध ग्रीन बेरेट्स दस्ते से हैं। पिछला अभ्यास नवंबर २०२४ में अमेरिका के इडाहो राज्य के ऑर्चर्ड कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर में हुआ था।
इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और समझ को और अधिक मजबूती प्रदान करना है। विशेष रूप से अभ्यास के दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि पहाड़ी क्षेत्रों में संयुक्त स्पेशल ऑपरेशन कैसे बेहतर तरीके से किए जा सकते हैं। यहाँ दोनों देशों के कमांडो संयुक्त मिशन की योजना, कठिन परिस्थितियों में संचालन और विशेष युद्ध तकनीकों का अभ्यास करेंगे। साथ ही, एक-दूसरे के अनुभव और रणनीतियों को साझा करेंगे।