8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत और ईयू एफटीए से व्यापार के अवसर बढ़ेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत और ईयू एफटीए से व्यापार के अवसर बढ़ेंगे?

सारांश

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार में नई ऊँचाइयाँ छूने की संभावना है। यह समझौता न केवल व्यापारिक संतुलन में सुधार करेगा, बल्कि भारत के निर्यात को भी नया आयाम देगा। जानें इस समझौते के संभावित प्रभाव और व्यापारिक अवसरों के बारे में।

मुख्य बातें

भारत-ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट व्यापार को बढ़ावा देगा।
इससे भारत का ट्रेड सरप्लस 51 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मशीनरी उद्योग को फायदा होगा।
यूरोप के लिए यह समझौता तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है।
भारत की निर्यात हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत-यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 जनवरी को हस्ताक्षरित किया जा सकता है। इसे दोनों पक्षों द्वारा 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है और इस समझौते से भारत का ईयू के साथ ट्रेड सरप्लस वित्त वर्ष 31 तक 51 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच एफटीए पर बातचीत लगभग एक दशक पहले आरंभ हुई थी, लेकिन बढ़ती व्यापारिक अनिश्चितता के मद्देनजर इसे तेजी से आगे बढ़ाया गया है।

एमके ग्लोबल द्वारा जारी एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता ईयू के साथ भारत की व्यापारिक स्थिति को काफी मजबूत करेगा।

इस समझौते के माध्यम से वित्त वर्ष 2031 तक यूरोपीय संघ के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस 50 अरब डॉलर से अधिक बढ़ सकता है। इससे भारत के कुल निर्यात में ईयू संघ की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 के 17.3 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर लगभग 22-23 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो भारत की निर्यात वृद्धि को एक बड़ा बढ़ावा देगा।

हालांकि, वर्तमान में ईयू के निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी केवल 0.8 प्रतिशत है, फिर भी यह समझौता यूरोप के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।

हाल के वर्षों में भारत के साथ यूरोप के व्यापार संतुलन में तेज बदलाव आया है। वित्त वर्ष 2019 में यूरोपीय संघ का भारत के साथ ट्रेड सरप्लस 3 अरब डॉलर था, जो कि वित्त वर्ष 2025 में 15 अरब डॉलर के व्यापार घाटे में बदल गया है।

यह समझौता चीन पर निर्भरता कम करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के यूरोप के प्रयासों में भी सहायक होगा।

इस एफटीए से भारत के अधिक श्रम उपयोग वाले कपड़ा और फुटवियर जैसी इंडस्ट्री के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और केमिकल इंडस्ट्री को बड़ा बाजार मिल सकता है।

वित्त वर्ष 25 में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 136 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। इस दौरान यूरोपीय यूनियन से भारत ने 60.7 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि 75.9 अरब डॉलर का सामान यूरोप में निर्यात किया गया।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यूरोपीय संघ को भारत से होने वाले निर्यात, जिनमें स्मार्टफोन, वस्त्र, जूते, टायर, दवाइयां, ऑटो पार्ट्स, प्रोसेस्ड फ्यूल और हीरे शामिल हैं, मुख्य रूप से उन आयातों की जगह लेते हैं जो यूरोप पहले अन्य देशों से प्राप्त करता था।

इनमें से कई विनिर्माण गतिविधियां यूरोपीय कंपनियों द्वारा वर्षों पहले ही दूसरे देशों में स्थानांतरित कर दी गई थीं।

वहीं दूसरी ओर, यूरोपीय संघ से भारत को होने वाले निर्यात में उच्च श्रेणी की मशीनरी, विमान, प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक घटक, रसायन, उन्नत चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप शामिल हैं।

ये उत्पाद भारतीय कारखानों, पुनर्चक्रण इकाइयों और लघु एवं मध्यम उद्यम समूहों को सहयोग प्रदान करते हैं, जिससे उत्पादकता और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होता है।

प्रस्तावित समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों के उत्पादों पर शुल्क कम होने या समाप्त होने की उम्मीद है, साथ ही यूरोपीय कंपनियों को उच्च श्रेणी की कारों और शराब के लिए भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूरोपीय संघ के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संतुलन को सुधारना और व्यापार के अवसरों को बढ़ाना है।
एफटीए से भारत को कौन-कौन सी उद्योगों में लाभ होगा?
एफटीए से भारत के कपड़ा, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और केमिकल इंडस्ट्री को बड़ा बाजार मिलेगा।
भारत का ईयू के साथ ट्रेड सरप्लस कितना बढ़ सकता है?
इस समझौते के माध्यम से भारत का ट्रेड सरप्लस वित्त वर्ष 2031 तक 51 अरब डॉलर से अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले