भारत और जॉर्जिया के बीच व्यापार विस्तार पर चर्चा क्यों हुई? वस्त्र, परिधान, कालीन और रेशम उत्पादों पर क्या रहा फोकस?

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भारत और जॉर्जिया के बीच व्यापार विस्तार पर चर्चा क्यों हुई? वस्त्र, परिधान, कालीन और रेशम उत्पादों पर क्या रहा फोकस?

सारांश

भारत और जॉर्जिया के बीच व्यापार के विस्तार पर चर्चा का आयोजन हुआ, जिसमें वस्त्र, परिधान, कालीन और रेशम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया गया। उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण वार्ताएं कीं। जानें इस बैठक में क्या कुछ खास हुआ!

Key Takeaways

  • भारत-जॉर्जिया व्यापार सहयोग
  • वस्त्र उद्योग की संभावनाएं
  • रेशम उत्पादन में संयुक्त अनुसंधान
  • नए व्यापार क्षेत्रों की पहचान
  • संस्थागत साझेदारी के अवसर

नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और जॉर्जिया के उच्च अधिकारियों के बीच व्यापार के विस्तार पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नए क्षेत्रों की पहचान, बाजार पहुंच में सुधार, और वस्त्र, परिधान, कालीन तथा रेशम उत्पादों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यह जानकारी वस्त्र मंत्रालय द्वारा रविवार को साझा की गई।

मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय रेशम बोर्ड (सीएसबी) के सदस्य सचिव तथा अंतरराष्ट्रीय रेशम उत्पादन आयोग (आईएससी) के महासचिव पी. शिवकुमार के नेतृत्व में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 17-21 नवंबर 2025 के दौरान जॉर्जिया में सफल बहु-क्षेत्रीय बैठक का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य रेशम उत्पादन, वस्त्र, परिधान और कालीन व्यापार में सहयोग को मजबूती प्रदान करना था।

प्रतिनिधिमंडल ने 11वें बीएसीएसए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन - कल्टुसेरी 2025 में भाग लिया, जहां शिवकुमार ने आईएससी का प्रतिनिधित्व करते हुए उद्घाटन भाषण दिया और पारंपरिक रेशम ज्ञान में भारत के नेतृत्व तथा रचनात्मक एवं सांस्कृतिक उद्योगों में इसकी प्रासंगिकता के बारे में बताया।

इस यात्रा के दौरान, सीएसबी ने अपने नए “5-इन-1 सिल्क स्टॉल” का प्रदर्शन किया, जो शहतूत, ओक तसर, उष्णकटिबंधीय तसर, मूगा और एरी रेशमों का एक अद्भुत उत्पाद है। यह उत्पाद भारत की समृद्ध रेशम विरासत का एक अनूठा प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी बाजार में प्रबल संभावनाएं हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों, रेशम उत्पादन प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों, वस्त्र कंपनियों, परिधान निर्माताओं, कालीन व्यापारियों और जॉर्जियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) सहित प्रमुख जॉर्जियाई संस्थानों के साथ संवाद किया। इन वार्ताओं में द्विपक्षीय वस्त्र व्यापार को बढ़ावा देने, उद्योग सहयोग को प्रोत्साहित करने और रेशम उत्पादन में संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान रेशम उत्पादन अनुसंधान, वस्त्र एवं परिधान व्यापार में भारत-जॉर्जिया सहयोग को मजबूत किया गया है। साथ ही, कालीनों और ऊंचे मूल्य वाले वस्त्रों सहित व्यापार विविधीकरण के लिए नए रास्तों की पहचान की गई और संस्थागत साझेदारी तथा तकनीकी सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त किए गए।

Point of View

बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होगा। यह कदम भारतीय उद्योग के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

भारत और जॉर्जिया के बीच व्यापार बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नए व्यापार क्षेत्रों की पहचान करना और वस्त्र, परिधान, कालीन और रेशम उत्पादों में सहयोग को बढ़ाना था।
इस बैठक में कौन-कौन से प्रमुख लोग शामिल थे?
इस बैठक में केंद्रीय रेशम बोर्ड के सदस्य सचिव पी. शिवकुमार और अन्य उच्च अधिकारी शामिल थे।
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