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क्या यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारतीय डाक और जापान डाक के बीच सहयोग की रूपरेखा तैयार हुई?

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क्या यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारतीय डाक और जापान डाक के बीच सहयोग की रूपरेखा तैयार हुई?

सारांश

क्या भारतीय डाक और जापान डाक के बीच सहयोग की नई रूपरेखा तैयार हुई? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुबई में यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस लेख में जानें इस सहयोग का महत्व और इसके संभावित लाभ।

मुख्य बातें

भारत और जापान के बीच सहयोग डाक नवाचार को बढ़ावा यूपीआई-यूपीयू इंटीग्रेशन परियोजना सुरक्षित धन स्थानांतरण वैश्विक डाक नेटवर्क को मजबूत करना

नई दिल्‍ली, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुबई में आयोजित 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारत का नेतृत्‍व किया। इस अवसर पर उन्‍होंने डाक नवाचार और डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जापान के आंतरिक मामलों और संचार राज्य मंत्री मसाशी अदाची के साथ संवाद किया। दोनों नेताओं ने दुबई में यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारतीय डाक और जापान डाक के बीच सहयोग की नई रूपरेखा तैयार की।

यूपीआई-यूपीयू इंटीग्रेशन परियोजना भारत में विदेश से आने वाले धन के स्थानांतरण में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। डाक विभाग (डीओपी), एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और यूपीयू के नेतृत्व में इस सहयोग का उद्देश्य भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को यूपीयू इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म (आईपी) के साथ एकीकृत करना है। यह प्रक्रिया भारतीय प्रवासियों के लिए घर पैसे भेजने के लिए एक सुरक्षित, कुशल और किफायती माध्यम तैयार करेगी, जिससे लाखों परिवारों को लाभ होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस के दौरान अपने संबोधन में आधुनिक, विश्वसनीय और समावेशी डाक इकोसिस्टम के लिए भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने डाक सेवाओं को सुधारने और वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया।

यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में यूपीआई-यूपीयू इंटीग्रेशन परियोजना का आधिकारिक लॉन्च होने की संभावना है, जो भारत में विदेशी धन के स्थानांतरण में सहयोग और नवाचार के महत्व को प्रदर्शित करेगा।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 192 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ सक्रिय और सहयोगात्मक संवाद किया, जिसमें भारत की विशेषज्ञता साझा करने, संभावित साझेदारियों की खोज करने और डाक क्षेत्र में नवीन समाधानों को अपनाने को बढ़ावा दिया गया।

भारत ने यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की प्रशासन परिषद और डाक परिचालन परिषद के लिए अपनी उम्मीदवारी की पेशकश की है, जिसमें बड़े पैमाने पर वितरण, डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और स्थिरता को सुनिश्चित करने हेतु सार्थक साझेदारियों का समर्थन मांगा गया है।

भारत सरकार के डाक विभाग की सचिव वंदिता कौल ने कहा कि भारत वैश्विक डाक समुदाय के साथ मिलकर एक अधिक सम्बद्ध, समावेशी और सतत भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने आगे कहा कि यूपीयू कांग्रेस साझेदारी और ज्ञान साझा करने के लिए एक अमूल्य मंच प्रदान करती है और हम इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत का डाक क्षेत्र वैश्विक स्तर पर सहयोग और नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण भूमि बना रहा है। भारत और जापान के बीच यह सहयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक डाक नेटवर्क को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई-यूपीयू इंटीग्रेशन परियोजना का महत्व क्या है?
यह परियोजना भारत में धन के स्थानांतरण में सुधार करेगी और प्रवासियों के लिए एक सुरक्षित माध्यम प्रदान करेगी।
यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारत का कौन प्रतिनिधित्व कर रहा था?
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
भारतीय डाक और जापान डाक के बीच सहयोग का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य डाक नवाचार और डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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