क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज की जरूरत है? चिली के राजदूत जुआन अंगुलो

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क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज की जरूरत है? चिली के राजदूत जुआन अंगुलो

सारांश

भारत और चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने चिली के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की बात की। जानें, इस विशेष बातचीत में उन्होंने क्या कहा!

Key Takeaways

  • भारत की अंतरराष्ट्रीय आवाज का महत्व बढ़ रहा है।
  • भारत और चिली के बीच व्यापार के अवसर बहुत अच्छे हैं।
  • यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का समर्थन किया जा रहा है।
  • कृषि और तकनीकी सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  • बहुपक्षवाद की जरूरत को समझा जा रहा है।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को अब तक अनेक देशों ने समर्थन प्रदान किया है, जिनमें चिली भी शामिल है। भारत और चिली एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के अंतिम चरण में हैं। इस दौरान भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की।

जुआन अंगुलो ने कहा, "हमें यह महसूस होता है कि भारत जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त आवाज होनी चाहिए। भारत एक उभरता हुआ देश है, और इसकी आवाज का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय नेताओं की भारत यात्रा और जी20 में भारत का नेतृत्व इस बात का प्रमाण है।"

भारत-चिली संबंधों के बारे में अंगुलो ने कहा, "हम भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कमर्शियल पहलू SIPA पर है, वहीं कृषि के क्षेत्र में भी हमने कुछ समय पहले एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे ताकि संवाद, जानकारी के आदान-प्रदान और तकनीकी हस्तांतरण के नए अवसर मिल सकें।"

संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यूएन बेमतलब है। उनके पास बहुत सारे कार्य हैं। यह आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन पूरी दुनिया में शांति और खुशहाली बनाए रखें।"

यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर चिली के राजदूत ने कहा, "भारत की सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की आकांक्षा है, और चिली ने इस आकांक्षा में भारत का समर्थन करने की इच्छा जताई है। हमें लगता है कि बहुपक्षवाद अत्यंत आवश्यक है।"

उन्होंने यह भी कहा, "भारत और चिली के बीच व्यापार के बहुत अच्छे अवसर हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम इस साल, मई से, भारत के साथ एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर चर्चा कर रहे हैं, जिसका निर्णय अप्रैल में हमारे राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक के भारत दौरे के दौरान लिया गया था। जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो इस संवाद की शुरुआत की गई।"

Point of View

यह समय है कि भारत को उस स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया जाए, जिसके वह योग्य है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत और चिली के बीच आर्थिक संबंध कैसे हैं?
भारत और चिली के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) के अंतिम चरण में हैं, जो व्यापार के अवसरों को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
जुआन अंगुलो ने भारत के बारे में क्या कहा?
जुआन अंगुलो ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज का महत्व बढ़ता जा रहा है और भारत जैसे देशों की आवाज को मान्यता मिलनी चाहिए।
भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का क्या महत्व है?
भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका को बढ़ाएगी और बहुपक्षवाद को प्रोत्साहित करेगी।
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