क्या भारत किसी का आर्थिक गुलाम नहीं है? : नीरज कुमार

सारांश
Key Takeaways
- भारत की विदेश नीति सक्षम है।
- किसी भी दबाव के आगे झुकने का कोई इरादा नहीं है।
- धर्म के आधार पर मतदान की धारणा गलत है।
- नीरज कुमार ने भूस्खलन पर दुख जताया।
- राजनीतिक पर्यटक नेताओं को सावधान रहने की आवश्यकता है।
पटना, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बुधवार को भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ की निंदा की। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में स्पष्ट किया कि भारत किसी का आर्थिक गुलाम नहीं है। वर्तमान में, भारत की विदेश नीति सक्षम है और हम किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। हम हर प्रकार की स्थिति का सामना करने के लिए तत्पर हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे शौर्य पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। हमने जो कुछ भी किया है, वह हमारे दृढ़ निश्चय का परिणाम है। जान लें, यदि कोई हमें छेड़ेछोड़ने वाले नहीं हैं। हमारी आंखों से बचकर कोई भी नहीं जा सकता।
नीरज ने माता वैष्णो देवी में हुए भूस्खलन पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वहां लोग मां भगवती के चरणों में शीश झुकाने जाते हैं और ऐसी दुखद घटनाएं निश्चित रूप से सभी के लिए मर्माहत करने वाली होती हैं। देश और जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस हादसे का एहसास है। इस पीड़ा के समय प्रभु लोगों को सहने की शक्ति
उन्होंने कहा कि बिहार के बारे में धारणा बनाना कि यहां लोग धर्म के आधार पर मतदान करते हैं, यह गलत है। ऐसी धारणा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जदयू नेता ने कहा कि लालू यादव के शासनकाल में 12 सांप्रदायिक दंगे हुए थे और सभी दंगाइयों को हेलीकॉप्टर से घुमाया जाता था। शराबबंदी हमने लागू की, जल जीवन की शुरुआत हमने की, कब्रिस्तान को घेरने का काम हमने किया, पढ़ाई के लिए योजनाएं हमने बनाई। ऐसे में जो लोग धर्म के आधार पर लोगों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीतिक पर्यटक करार दिया और कहा कि आपने जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया। पप्पू यादव ने आपको असलियत दिखा दी है।