एसटी हसन: भारत में हिन्दू-मुसलमानों की सुरक्षा सुनिश्चित है
सारांश
Key Takeaways
- भारत में हिन्दू-मुसलमान दोनों सुरक्षित हैं।
- केवल 5%25 लोगों से खतरा है।
- धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।
- सोशल मीडिया पर बैन बच्चों के लिए फायदेमंद है।
लखनऊ, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान मुस्लिम देशों पर हुए मिसाइल हमलों के संदर्भ में कहा कि भारत में मुसलमान और हिन्दू दोनों सुरक्षित हैं। केवल 5 प्रतिशत लोगों से खतरा हो सकता है।
सपा नेता ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम देशों में जो मिसाइलें गिर रही हैं, यह भारत में मुसलमानों की सुरक्षा को कम नहीं करती। अरब देशों में कभी भी मस्जिदों पर बुलडोजर नहीं चलाए जाते, वहां धार्मिक स्वतंत्रता है, और वहां पर सुंदर मंदिर भी बनाए गए हैं। भारत में केवल 5 प्रतिशत लोगों से खतरा है, बाकी हिन्दू और मुसलमान सद्भाव
उन्होंने भारत में मुसलमानों की सुरक्षा पर कहा कि 14 साल पहले हालात बेहतर थे। कोई परेशानी नहीं थी, सब आपस में मिलकर रहते थे। लेकिन अब जब से यह शासन आया है, मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है, जो किसी इस्लामिक देश में भी नहीं हो रहा है।
दुबई और कतर जैसे देशों में गिर रही मिसाइलों के बारे में उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें अमेरिकी ठिकानों और रिफाइनरीज़ पर गिर रही हैं, क्योंकि रिफाइनरीज़ में अधिकांश हिस्सा अमेरिका का है। आम लोगों पर इनका कोई असर नहीं पड़ रहा है। उनके बाजारों में आज भी वही रौनक देखने को मिलती है।
भाजपा नेता संगीत सोम के बयान 'मुगल शासन के आखिरी शासक थे अखिलेश यादव' पर सपा नेता ने कहा कि उन्हें अपनी हैसियत देखनी चाहिए, उनकी पार्टी में क्या स्थान है। पार्टी ने उन्हें खुद नकार दिया है। अखिलेश यादव एक अच्छे हिंदू हैं और सभी को साथ लेकर चलने वाले इंसान हैं। उन्होंने कहा कि सभी मुग़ल आक्रांता नहीं थे; मुगलों ने यहां पर कई सकारात्मक कार्य भी किए हैं। उनकी पार्टी धर्म के आधार पर लोगों को क्यों बांटना चाहती है?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बंगाल पर दिए बयान पर सपा नेता ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उनका एजेंडा केवल हिन्दू-मुसलमान करने का है। उन्हें यह समझना चाहिए कि नागरिकता देने का कार्य भारत सरकार करती है, न कि प्रदेश की सरकार। वे सिर्फ भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर सपा नेता ने कहा कि यह एक स्वागतयोग्य कदम है। मैंने पहले भी कहा था कि इंटरनेट पर अश्लीलता फैलाई जाती है, जिससे बच्चों के मन में गलत विचार आते हैं और रेप की घटनाएं होती हैं। हालांकि, सरकार ने जो निर्णय लिया है, अब यह देखना होगा कि इसे कैसे लागू किया जाएगा।