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गुजरात में 12.44 लाख मजदूरों को ₹2,029 करोड़ का बोनस, श्रम सेतु पोर्टल से डिजिटल सुधार

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गुजरात में 12.44 लाख मजदूरों को ₹2,029 करोड़ का बोनस, श्रम सेतु पोर्टल से डिजिटल सुधार

सारांश

गुजरात सरकार ने 2024-25 में 12.44 लाख मजदूरों को ₹2,029 करोड़ का बोनस बाँटा और श्रम सेतु पोर्टल, डिजिटल निरीक्षण मॉड्यूल व श्रम सहायता कॉल सेंटर जैसे सुधार लागू किए। यह राज्य के श्रम सशक्तीकरण के दावों की परीक्षा भी है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 2024-25 में 12.44 लाख से अधिक मजदूरों को ₹2,029.17 करोड़ का बोनस वितरित किया।
श्रम सेतु पोर्टल के माध्यम से 2025 में 5,550 आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की गई।
2025 में 13,810 औद्योगिक निरीक्षण डिजिटल रूप से संपन्न किए गए।
श्रम सहायता कॉल सेंटर को 2025 में 18,402 कॉल प्राप्त हुईं।
1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच ई-श्रम पोर्टल पर गुजरात से 4 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज।
मध्यस्थता से 1,232 संस्थानों के 7,655 श्रमिकों को ₹11.13 करोड़ वेतन अंतर के रूप में मिले।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने 2024-25 के दौरान 12.44 लाख से अधिक मजदूरों को बोनस के रूप में ₹2,029.17 करोड़ की राशि वितरित की है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (30 अप्रैल) के अवसर पर गांधीनगर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह बोनस वितरण दिवाली के समय किया गया था। राज्य सरकार ने डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और श्रम सुधारों का भी विस्तार किया है।

बोनस वितरण और मजदूरी भुगतान

अधिकारियों के अनुसार, 2024-25 में 12.44 लाख से अधिक श्रमिकों को कुल ₹2,029.17 करोड़ का बोनस भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त, सरकार के मध्यस्थता प्रयासों के फलस्वरूप 2025 में 1,232 संस्थानों में 7,655 श्रमिकों को वेतन के अंतर के रूप में ₹11.13 करोड़ से अधिक का भुगतान सुनिश्चित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह अवसर

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ₹2,029 करोड़ का बोनस वितरण एक नई नीतिगत पहल है या पहले से अनिवार्य वैधानिक बोनस का नियमित क्रियान्वयन। श्रम सेतु पोर्टल पर 5,550 आवेदन और 18,402 कॉल संकेत देते हैं कि शिकायतों की संख्या अभी भी उल्लेखनीय है — जो डिजिटल पहुँच की सफलता के साथ-साथ श्रम विवादों की व्यापकता भी दर्शाती है। जन विश्वास बिल के प्रावधानों को राज्य कानूनों में शामिल करना सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम है, परंतु असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मजदूरों तक इन लाभों की वास्तविक पहुँच की स्वतंत्र जाँच अभी बाकी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 2024-25 में मजदूरों को कितना बोनस मिला?
गुजरात सरकार के अनुसार, 2024-25 में 12.44 लाख से अधिक श्रमिकों को कुल ₹2,029.17 करोड़ का बोनस वितरित किया गया। यह वितरण दिवाली के अवसर पर किया गया था।
श्रम सेतु पोर्टल क्या है और इसका क्या फायदा है?
श्रम सेतु पोर्टल गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली है। यह ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि और नौकरी से निकाले जाने जैसे विवादों का पारदर्शी समाधान करती है — 2025 में इसके जरिए 5,550 आवेदनों पर कार्रवाई हुई।
गुजरात में ई-श्रम पोर्टल पर कितने पंजीकरण हुए?
1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच गुजरात में ई-श्रम पोर्टल पर 4 लाख से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हुआ। ई-श्रम पोर्टल केंद्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 2021 में शुरू किया था।
गुजरात के श्रम सुधारों में जन विश्वास बिल की क्या भूमिका है?
केंद्र सरकार के जन विश्वास बिल से जुड़े संशोधनों को गुजरात औद्योगिक संबंध अधिनियम और गुजरात दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में शामिल किया गया है। इससे अपराधों की कंपाउंडिंग और संशोधित दंड प्रावधान लागू हुए हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी होने का दावा किया जा रहा है।
गुजरात में श्रमिकों के वेतन विवाद कैसे सुलझाए गए?
सरकार के मध्यस्थता प्रयासों के तहत 2025 में 1,232 संस्थानों के 7,655 श्रमिकों को वेतन अंतर के रूप में ₹11.13 करोड़ से अधिक का भुगतान कराया गया। इसके अलावा श्रम सहायता कॉल सेंटर को 2025 में 18,402 कॉल प्राप्त हुईं, जिन पर उचित मार्गदर्शन दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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