क्या भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका के लिए राहत सामग्री भेजी?
सारांश
Key Takeaways
- श्रीलंका में दित्वाह तूफान से 69 लोगों की मौत हुई।
- भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 12 टन राहत सामग्री भेजी।
- राहत सामग्री में टेंट, तिरपाल, कंबल और खाद्य सामग्री शामिल है।
- भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत यह सहायता प्रदान की गई।
- भारत ने संकट के समय में श्रीलंका का साथ दिया है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में दित्वाह तूफान के कारण अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है और 34 लोग लापता हैं। इस बीच, भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 12 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेजी है। शनिवार को भारतीय वायुसेना का विमान कोलंबो में उतर गया। भारत ने तूफान से प्रभावित लोगों के लिए टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और रेडी-टू-इट भोजन भेजा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “ऑपरेशन सागर बंधु शुरू हो चुका है। इंडियन एयर फोर्स का सी-130जे विमान लगभग 12 टन मानवीय मदद लेकर कोलंबो पहुंचा है, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार भोजन शामिल हैं।”
इससे पहले शुक्रवार को भी भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका के लिए मदद भेजी थी।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने एक्स पर पोस्ट किया, "ऑपरेशन सागर बंधु चल रहा है, जो दित्वाह तूफान के बाद श्रीलंका को तत्काल मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्रदान कर रहा है। भारत ने दित्वाह के बाद श्रीलंका को तुरंत एचएडीआर सपोर्ट दिया। भारत ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए इंडियन नेवल शिप (आईएनएस) विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी से 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री भेजी है। इस कठिन समय में, भारत श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और नेबरहुड फर्स्ट नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दर्शाता है।"
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था, "श्रीलंका के उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है जिन्होंने तूफान दित्वाह के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"
उन्होंने कहा था, "अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तत्काल राहत सामग्री और जरूरी एचएडीआर सपोर्ट भेजा है। जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम और मदद देने के लिए तैयार हैं। भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति और विजन महासागर के अनुसार भारत जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।"