क्या भारत-पाक क्रिकेट मुकाबले का विरोध सही है? पीड़ित परिवार का कहना- हमारे आंसू अभी सूखे नहीं

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क्या भारत-पाक क्रिकेट मुकाबले का विरोध सही है? पीड़ित परिवार का कहना- हमारे आंसू अभी सूखे नहीं

सारांश

भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 के मुकाबले का विरोध कर रहे पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उनका कहना है कि उनके आंसू अभी सूखे नहीं हैं और पाकिस्तान के साथ कोई भी संबंध नहीं होना चाहिए। जानें इस विरोध का कारण और परिवार की मांग।

मुख्य बातें

भारत-पाकिस्तान मैच का विरोध पीड़ित परिवारों द्वारा किया जा रहा है।
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले परिवारों के आंसू अभी सूखे नहीं हैं।
खेल और राजनीति का आपस में गहरा संबंध होता है।

भावनगर, 14 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का मुकाबला रविवार को होने वाला है। इस मैच के शुरू होने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवार ने इस क्रिकेट मैच का विरोध किया है।

गुजरात के भावनगर के यतीशभाई परमार और उनके बेटे स्मित के परिवार ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। पीड़ित परिवार ने कहा, "हमारे आंसू अभी सूखे नहीं हैं, ऐसे में पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का मैच या संबंध नहीं होना चाहिए।"

यतीशभाई परमार की पत्नी किरणबेन परमार ने कहा, "मेरा मानना है कि दोनों देशों के बीच मुकाबला नहीं होना चाहिए। मैं उन खिलाड़ियों से अपील करती हूं जो इस मुकाबले में हिस्सा ले रहे हैं, उन्हें खुद से ही इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "पहलगाम हमले में मेरे पति और मेरे 16 साल के बेटे की शहादत हुई। मुझे इस घटना का इतना दुख है कि मेरे आंसू अब तक सूखे नहीं हैं। हमारे सैनिक बार-बार शहीद होते हैं। पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं होना चाहिए। जो लोग हमारे देश के साथ ऐसा करते हैं, उनके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए।"

यतीशभाई के बेटे सावन परमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "पहलगाम आतंकी हमले में मेरे परिवार के दो सदस्य मारे गए थे। हमें बताया गया था कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ दिए गए थे और ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में मैच हो रहा है, जिसे सुनकर हमें काफी दुख पहुंचा है। मैं मांग करता हूं कि भारत को पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलना चाहिए, क्योंकि वह एक आतंकी देश है।"

बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसमें गुजरात के यतीशभाई परमार और उनका बेटा स्मित भी शामिल थे।

हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया था। भावनगर के रहने वाले यतीशभाई परमार अपने बेटे स्मित और अन्य साथियों के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आतंकियों ने यतीशभाई और स्मित की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इस घटना के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था, लेकिन मृतकों के परिजनों में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे मैच को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। मृतक के परिवार मांग कर रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ मैच या किसी भी तरह के संबंध नहीं होने चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों का आयोजन हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है। परिवारों के दर्द और भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है। हमें यह समझना होगा कि खेल और राजनीति का आपस में गहरा संबंध होता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों भारत-पाक क्रिकेट मैच का विरोध हो रहा है?
भारत-पाक क्रिकेट मैच का विरोध एक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले परिवारों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
पीड़ित परिवार की मांग क्या है?
पीड़ित परिवार की मांग है कि भारत पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का संबंध या मैच नहीं खेलना चाहिए।
क्या इस मैच का आयोजन उचित है?
इस मैच का आयोजन संवेदनशील मुद्दों को देखते हुए उचित नहीं माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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