भारत टैक्सी का यूपी विस्तार: नवरात्र से पहले अयोध्या, आगरा, मेरठ में सेवा, एक माह में 12 नए शहर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा का दायरा तेज़ी से बढ़ने वाला है — नवरात्र से पहले अयोध्या, आगरा और मेरठ में ऐप-आधारित टैक्सी बुकिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है, और एक माह के भीतर 12 और शहरों को इस नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में यह सेवा उपलब्ध है, जहाँ 50,000 से अधिक चालक पहले ही प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
विस्तार की रूपरेखा
योगी सरकार की इस पहल के तहत ग्राउंड ऑनबोर्डिंग और ड्राइवर पंजीकरण का काम प्रदेश के कई शहरों में एक साथ शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में अयोध्या, आगरा और मेरठ को नवरात्र से पहले नेटवर्क में लाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
अगले चरण में मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली में भी सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन शहरों में वाहनों और चालकों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है।
धार्मिक और पर्यटन शहरों पर विशेष ध्यान
अयोध्या और मथुरा जैसे शहरों में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं, जबकि आगरा में देश-विदेश के पर्यटकों का निरंतर आवागमन रहता है। वाराणसी और प्रयागराज में सेवा की सफलता के बाद इन्हीं विशेषताओं वाले शहरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न में — विशेषकर नवरात्र और दीपावली के दौरान — बाज़ारों, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में ऐप-आधारित टैक्सी सेवा की उपलब्धता नागरिकों के लिए एक व्यावहारिक राहत साबित हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि अक्टूबर में नवरात्र और उसके बाद दीपावली के दौरान शहरों में धार्मिक स्थलों, बाज़ारों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए नए शहरों में नेटवर्क विस्तार की प्रक्रिया तेज़ की गई है।
टू और थ्री व्हीलर चालकों को भी मौका
भारत टैक्सी के नेटवर्क में केवल कार चालक ही नहीं, बल्कि टू व्हीलर (बाइक) और थ्री व्हीलर (ऑटो) चालकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यात्रियों के सामने छोटी दूरी के लिए भी विकल्प बढ़ेंगे, और युवा चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए सवारी तक पहुँचने का नया माध्यम मिलेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में डिजिटल परिवहन का बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और Ola, Uber जैसे निजी प्लेटफॉर्म पहले से सक्रिय हैं। भारत टैक्सी के विस्तार से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और यात्रियों को किफ़ायती विकल्प मिल सकते हैं।
आगे क्या
आने वाले हफ्तों में उत्तर प्रदेश के 17 से अधिक शहरों में भारत टैक्सी की सेवा उपलब्ध होने की उम्मीद है। प्रदेश में पहले से जुड़े 50,000 से अधिक चालकों की संख्या नए ऑनबोर्डिंग के साथ और बढ़ने की संभावना है। यदि क्रियान्वयन समयसीमा के भीतर होता है, तो यह उत्तर प्रदेश में सरकार-समर्थित ऐप-आधारित परिवहन का सबसे बड़ा एकल विस्तार होगा।