सीएम योगी ने लॉन्च की 'भारत टैक्सी': जीरो कमीशन और ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा, किसानों को ब्याज दर 11% से घटाकर 6%
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में दो महत्वपूर्ण योजनाओं — 'भारत टैक्सी' और 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' — का शुभारंभ किया। भारत टैक्सी के तहत टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक जीरो कमीशन पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे और उन्हें ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11% से घटाकर 6% कर दी गई है।
भारत टैक्सी: चालकों के लिए क्या बदलेगा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों की सुध पहले कभी नहीं ली गई। भारत टैक्सी के माध्यम से अब ये चालक बिना किसी कमीशन कटौती के सेवा दे सकेंगे — यह पारंपरिक ऐप-आधारित राइड प्लेटफॉर्म से अलग मॉडल है जहाँ कंपनियाँ सवारी राशि का बड़ा हिस्सा काट लेती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक पंजीकृत चालक को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे वे निश्चिंत होकर अपना काम कर सकें।
फिलहाल भारत टैक्सी का संचालन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हस्ताक्षरित हुए हैं। योगी ने कहा कि यह केवल सवारी ढोने की सेवा नहीं, बल्कि 'पूरे भारत की टैक्सी' है जो देश की गति को प्रगति में बदलने का माध्यम बनेगी।
प्रयागराज महाकुंभ से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए बताया कि वहाँ लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुँचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक की यात्रा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और यातायात व्यवस्था बाधित नहीं हुई। इसी अनुभव को आधार बनाकर भारत टैक्सी का यह मॉडल तैयार किया गया है।
योगी ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर विस्तारित करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: किसानों को राहत
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक (LDB) के माध्यम से किसानों को अब तक 11% ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिसे घटाकर 6% कर दिया गया है। यह कदम खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी की खरीद के लिए दीर्घकालिक ऋण सुलभ कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। अगले कुछ वर्षों में 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे — इनमें किसानों के हज़ारों करोड़ रुपये जमा थे। अब उनमें से 15 बैंक पुनः मुनाफे में आ गए हैं और एक अन्य बैंक को भी पटरी पर लाने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, पैक्स (PACS) को पहले ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया गया है।
सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल सुधार
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप 'UPCDC', उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता सेवाओं के लिए कोऑपरेटिव डेटा सेंटर का भी शुभारंभ किया। सहकारिता क्षेत्र में अब तक 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। योगी ने कहा कि देश में आज़ादी के बाद पहली बार अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन के परिणाम अब ज़मीन पर दिखने लगे हैं।
कार्यक्रम में योगी ने 5 सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के 5 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे। इन दोनों योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर उत्तर प्रदेश में गिग वर्कर और कृषि अर्थव्यवस्था की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।