क्या ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय सेना ने श्रीलंका में महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल किया?
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन सागर बंधु के तहत, भारतीय सेना ने महत्वपूर्ण सड़क संपर्क को बहाल किया।
- चक्रवात 'दित्वाह' ने कई मुख्य मार्गों को प्रभावित किया था।
- बेली ब्रिज का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए राहत प्रदान करेगा।
- यह कदम भारत और श्रीलंका के संबंधों को मजबूत करता है।
- आपदा राहत में भारतीय सेना की तत्परता और सहानुभूति की मिसाल है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत, भारतीय सेना ने श्रीलंका में एक और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल किया है। यह मुख्य सड़क मार्ग पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ था।
असल में, श्रीलंका में आए भयंकर चक्रवात दित्वाह ने यहाँ भारी तबाही मचाई थी। इस तूफान के कारण कई बड़े मार्ग और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। भारतीय सेना ने श्रीलंका में ऐसे ही एक मुख्य मार्ग पर एक पुल का निर्माण करके सड़क संपर्क को फिर से बहाल किया है।
चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका की सहायता के लिए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत भारतीय सेना के इंजीनियर टास्क फोर्स ने अब श्रीलंका के मध्य प्रांत में महत्वपूर्ण संपर्क बहाल किया है। यहाँ बी-492 राजमार्ग पर कैंडी-नुवारा एलिया को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर तीसरे बेली ब्रिज का सफल निर्माण और उद्घाटन किया गया है। यह पुल क्षेत्र में आवागमन, राहत सामग्री की आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा साबित होगा।
पुल का औपचारिक उद्घाटन श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त डॉ. सत्यांजल पांडेय और नुवारा एलिया से श्रीलंका के सांसद मंजुला सुरावीरा अराच्ची द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका का बी-492 राजमार्ग कैंडी और नुवारा एलिया जिलों के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग है।
चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुई भारी क्षति के कारण यह मार्ग एक महीने से अधिक समय तक बाधित रहा। इस बाधा ने स्थानीय लोगों की आवाजाही, क्षेत्र के लोगों के लिए आवश्यक आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक सेवाओं पर गंभीर प्रभाव डाला। भारत की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान के अंतर्गत बेली ब्रिज का त्वरित निर्माण और कमीशनिंग क्षेत्र में संपर्क को बहाल करने में निर्णायक साबित हुआ।
सेना के मुताबिक, इसके परिणामस्वरूप नागरिक आवागमन फिर से सुचारु हो गया है। इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों के पुनर्जीवित होने को भी बल मिला है। भारतीय सेना की यह महत्वपूर्ण पहल श्रीलंका के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित करती है। यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। श्रीलंका में आए इस संकट के समय में स्थायी साझेदारी, एकजुटता और सहायता के माध्यम से भारत-श्रीलंका संबंधों की मजबूती का संकेत मिलता है।