भारतीय वायुसेना प्रमुख ने फ्रंटलाइन एयरबेस का दौरा किया, मिग-29 अपग्रेड की उड़ान भरी

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भारतीय वायुसेना प्रमुख ने फ्रंटलाइन एयरबेस का दौरा किया, मिग-29 अपग्रेड की उड़ान भरी

सारांश

भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मिग-29 अपग्रेड में उड़ान भरकर सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया। जानिए इस महत्वपूर्ण दौरे की खास बातें।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मिग-29 अपग्रेड में उड़ान भरी।
मिग-29 को 1987 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।
मिग-29 की अधिकतम गति 2.25 मैक है।
मिग-29 को क्लोज प्रोटेक्शन इंटरसेप्टर माना जाता है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन पाकिस्तान की वायुसेना को नई ताकत देने में जुटा है, जबकि भारतीय वायुसेना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक साथ चीन और पाकिस्तान के समक्ष अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुकी है। उस समय पाकिस्तान का चीनी एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय हमलों के सामने अप्रभावी साबित हुआ था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी एयर कमांड के सभी एयरबेस सक्रिय थे। इनमें से एक फ्रंटलाइन एयरबेस का दौरा भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा स्थितियों का आकलन किया और तैयारियों की समीक्षा की।

दौरे के दौरान वायुसेना प्रमुख ने इसी एयरबेस से मिग-29 अपग्रेड फाइटर जेट में उड़ान भरी। उड़ान से पहले उन्हें ऑपरेशनल फ्लाइंग मिशन के बारे में जानकारी दी गई। लगभग 45 मिनट की इस सॉर्टी में एयर चीफ स्वयं मिग-29 अपग्रेड उड़ा रहे थे। इस फॉर्मेशन को फ्लाइट लेफ्टिनेंट परमिंदर सिंह ने लीड किया।

मिग-29 अपग्रेड स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन शिव कुमार पोहरे ने स्क्वाड्रन के गौरवमयी इतिहास और मौजूदा वायुसेना प्रमुख से इसके संबंधों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह स्क्वाड्रन 1963 में मिग-21 टाइप-74 के साथ स्थापित किया गया था और यह देश का पहला सुपरसोनिक फाइटर स्क्वाड्रन था। बाद में मिग-21 को हटाकर इसमें मिग-29 को शामिल किया गया।

ग्रुप कैप्टन पोहरे ने बताया कि इस वर्ष यह स्क्वाड्रन अपने स्थापना के 63 वर्ष पूरे कर रहा है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने करियर की शुरुआती दिनों में इसी स्क्वाड्रन में एक युवा अधिकारी के रूप में उड़ान भरी थी। मिग-29 के अपग्रेड प्रोग्राम में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इसी स्क्वाड्रन के मिग-21 ने 1971 के युद्ध के दौरान ढाका के गवर्नर हाउस पर स्ट्राइक कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।

भारतीय वायुसेना में मिग-29 को 1987 में शामिल किया गया था। इसे रफाल और मिराज-2000 की तरह इमरजेंसी खरीद के तहत लिया गया था, क्योंकि उस समय पाकिस्तान अमेरिका से सबसे आधुनिक फाइटर जेट एफ-16 हासिल कर रहा था।

वर्तमान में, भारतीय वायुसेना के पास मिग-29 अपग्रेड के तीन स्क्वाड्रन मौजूद हैं। मिग-29 को क्लोज प्रोटेक्शन इंटरसेप्टर और एयर डिफेंस एयरक्राफ्ट माना जाता है, जो हवाई मुकाबले में दुश्मन के जेट को इंटरसेप्ट करने में अत्यधिक कुशल है।

हाल के वर्षों में इसे नई तकनीकों के साथ अपग्रेड किया गया है। अब मिग-29 लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग भी कर सकता है। इसके लिए इसमें रीफ्यूलिंग प्रोब जोड़ा गया है। इसके रडार और एवियोनिक्स को भी पूरी तरह से आधुनिक बनाया गया है।

इसकी अधिकतम गति 2.25 मैक, यानी लगभग 2,400 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलें दागने में सक्षम है। कारगिल युद्ध के दौरान इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया था, जहां इसे कॉम्बैट एयर पेट्रोल मिशनों और बीवीआर मिसाइलों के साथ तैनात किया गया था।

उरी हमले के बाद जब भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर तनाव बढ़ा, तब पाकिस्तान एयरफोर्स ने कई बार भारतीय सीमा के करीब अपने फाइटर जेट उड़ाए। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने जवाबी तैयारी के तहत मिग-29 को कई बार स्क्रैम्बल किया।

पुलवामा हमले के बाद की गई बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान जब भारतीय वायुसेना का फाइटर पैकेज मिशन पर भेजा गया, तब उस फॉर्मेशन में मिग-29 भी शामिल थे। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर में भी इस लड़ाकू विमान ने अपनी क्षमताओं का भरपूर प्रदर्शन किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा करने में भी सक्रिय है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय वायुसेना ने कब मिग-29 को शामिल किया?
भारतीय वायुसेना ने मिग-29 को 1987 में शामिल किया था।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य ऑपरेशन है जिसमें भारतीय वायुसेना ने चीन और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी ताकत प्रदर्शित की।
मिग-29 अपग्रेड के लाभ क्या हैं?
मिग-29 अपग्रेड में लंबी दूरी की उड़ान, एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग और आधुनिक रडार शामिल हैं।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का मिग-29 से क्या संबंध है?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में मिग-29 स्क्वाड्रन में उड़ान भरी थी।
मिग-29 की अधिकतम गति क्या है?
मिग-29 की अधिकतम गति 2.25 मैक, यानी लगभग 2,400 किलोमीटर प्रति घंटा है।
राष्ट्र प्रेस
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