क्या भारतीय शेयर मार्केट लाल निशान में खुला? आईटी और रियल्टी सेक्टर में गिरावट क्यों आई?

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क्या भारतीय शेयर मार्केट लाल निशान में खुला? आईटी और रियल्टी सेक्टर में गिरावट क्यों आई?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को हल्की गिरावट आई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त का सिलसिला टूट गया। आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर में बिकवाली ने बाजार को दबाव में ला दिया। जानें, क्या आने वाले समय में बाजार में तेजी आएगी या गिरावट का सामना करना पड़ेगा।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट आई है।
आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर में बिकवाली का प्रभाव पड़ा।
बाजार की दिशा निर्धारित करने वाले कई कारक हैं।
विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
आने वाले समय में बाजार में तेजी की संभावना है।

मुंबई, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ खुला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार दो सत्रों की बढ़त का सिलसिला टूटा। आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव रहा, जबकि विश्व भर के बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत भी अधिक प्रभावी नहीं हो सके।

खबर लिखे जाने तक, निफ्टी 7.5 अंक की गिरावट के साथ 26,164.20 पर था। वहीं सेंसेक्स 50.96 अंक की गिरावट के साथ 85,516.52 पर कारोबार कर रहा था।

इस दौरान बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, टाइटन, एल एंड टी, एनटीपीसी, ट्रेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई। वहीं, इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएलटेक, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

व्यापक बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला, निफ्टी मिडकैप में 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.02 प्रतिशत की बढ़त हुई।

सेक्टरवार, निफ्टी आईटी में 1.35 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी में 0.25 प्रतिशत और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.23 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर, निफ्टी मेटल 0.51 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि आने वाले समय में बाजार की दिशा निर्धारित करने वाले दो प्रमुख कारक हैं। घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था और कंपनियों की स्थिति मजबूत दिख रही है, जिससे निफ्टी और सेंसेक्स में तेजी की संभावनाएं हैं। लेकिन बाहरी कारणों के चलते एआई ट्रेडिंग में फिर से तेजी आई है, जो नकारात्मक संकेत है। इससे विदेशी निवेशकों का पैसा भारत आने में देरी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि एआई ट्रेडिंग के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। अब यह देखना होगा कि इसका आगे क्या असर पड़ता है।

पिछले कारोबारी सत्र में सोमवार को घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली थी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 638.12 अंक या 0.75 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 85,567.48 पर और निफ्टी 206 अंक या 0.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,172 पर बंद हुआ था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर केवल एक अस्थायी स्थिति है। घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत है, और विदेशी निवेशकों की रुचि भी बनी हुई है। इसलिए, हमें बाजार के भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट का मतलब है कि बाजार कमजोर हो रहा है?
नहीं, गिरावट केवल एक अस्थायी स्थिति है और यह बाजार के समग्र स्वास्थ्य को नहीं दर्शाती।
क्या आने वाले समय में बाजार में तेजी की उम्मीद है?
हाँ, घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी है, जिससे बाजार में तेजी आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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