भिवाड़ी पुलिस ने ₹1.50 करोड़ की कॉपर कॉइल चोरी में दो आरोपी दबोचे, गार्ड ने पिलाया था नशीला पदार्थ
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के भिवाड़ी में पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को एक निजी कंपनी के गोदाम से ₹1.50 करोड़ मूल्य के तांबे के कॉइल चोरी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर गोदाम कर्मचारियों को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया और फिर कैमरे तोड़कर माल उड़ा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
थानाधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि गोदाम इंचार्ज महेश चंद्र शर्मा की शिकायत पर थाना भिवाड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 9 जून की रात को गोदाम पर गार्ड रामनारायण, गनमैन मुकेश कुमार और वर्कर बालमुकुंद ड्यूटी पर तैनात थे।
सुरक्षा गार्ड रामनारायण ने सोची-समझी साजिश के तहत वर्कर और गनमैन को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे दोनों बेहोश हो गए। इसके बाद बाहर से आए अज्ञात व्यक्ति गार्ड के साथ मिलकर गोदाम के सीसीटीवी कैमरे तोड़कर दो कॉपर कॉइल गाड़ी में लोड कर फरार हो गए।
जाँच और गिरफ्तारी
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की, मुखबिरों से जानकारी ली और साइबर टीम की सहायता ली। इसके अलावा, अन्य चोरी के मामलों में पहले से गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की गई। गहन जाँच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया — साहिद पुत्र सलीम, निवासी रिसालदारन, थाना सिकंदराबाद, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, और सलमान पुत्र इशयाक, निवासी रिसालदारन, थाना सिकंदराबाद, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, साहिद और सलमान दोनों आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। ये दोनों कंपनियों में कार्यरत नशे की लत वाले गार्डों और वर्करों को लालच देकर कॉपर चोरी की वारदातें अंजाम देते थे।
चोरी किए गए माल को ये आरोपी नोएडा, उत्तर प्रदेश में अज्ञात कबाड़ी को बेचते थे और उससे मिले पैसों को ऐशो-आराम और नशे में खर्च करते थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि चोरी के मामलों में संपत्ति की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। यह मामला औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है, जहाँ भरोसेमंद पदों पर तैनात कर्मचारी ही चोरी की साजिश में शामिल पाए गए। गौरतलब है कि भिवाड़ी राजस्थान का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है और यहाँ कीमती धातुओं की चोरी की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं।