3 नवंबर 2026
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भोजपुर में बिहार पुलिस-STF की बड़ी कार्रवाई: 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

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भोजपुर में बिहार पुलिस-STF की बड़ी कार्रवाई: 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

सारांश

बिहार पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में भोजपुर के कोइलवार थाना क्षेत्र से 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक भरी पिस्तौल जब्त। तीन कथित तस्कर गिरफ्तार — खेप पश्चिमी यूपी से आकर उत्तरी बिहार में पहुँचनी थी। अब पूरे नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

बिहार पुलिस और STF ने 2 नवंबर 2026 को भोजपुर जिले के कोइलवार क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया।
7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल बरामद।
गिरफ्तार आरोपी — सरस कुमार व ललतू कुमार (मुजफ्फरपुर) और चंदन तिवारी (सिवान)।
कथित तौर पर खेप पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाई जा रही थी और उत्तरी बिहार में वितरण का लक्ष्य था।
वरिष्ठ STF अधिकारी अंजनी सिंह पूछताछ के लिए पटना से कोइलवार पहुँचे; तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी।

बिहार पुलिस और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त टीम ने 2 नवंबर 2026 को भोजपुर जिले के कोइलवार थाना क्षेत्र अंतर्गत मनभवन मोड़ के पास एक बड़े अभियान में तीन कथित हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया और 7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद तथा एक भरी हुई पिस्तौल बरामद की। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, यह खेप पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाई जा रही थी और इसे उत्तरी बिहार, विशेषकर मुजफ्फरपुर में वितरित किया जाना था।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस को पहले से खुफिया सूचना मिली थी कि एक तस्कर गिरोह अवैध गोला-बारूद की भारी खेप लेकर बिहार में प्रवेश करने वाला है। इसके बाद पुलिस और STF ने संयुक्त निगरानी शुरू की। बताया जा रहा है कि संदिग्धों ने रात वाराणसी में बिताई और सोमवार सुबह उनके वाहन के बिहार में प्रवेश करने की सूचना मिलते ही एक संयुक्त दल तैनात कर दिया गया।

जब एक टाटा सफारी एसयूवी मनभवन मोड़ पर पहुँची, तो पुलिस दल ने उसे रोक लिया। आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया, जिस दौरान उनकी एसयूवी पीछे से आ रही टाटा हैरियर और सामने से आ रही टाटा नेक्सन से टकरा गई, जिससे दोनों वाहनों के अगले हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तीनों आरोपियों को काबू में कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों की पहचान सरस कुमार, ललतू कुमार और चंदन तिवारी के रूप में हुई है। सरस कुमार और ललतू कुमार मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं, जबकि चंदन तिवारी सिवान जिले का रहने वाला है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए व्यापक एहतियात बरती थी — कथित तौर पर उनके पास मोबाइल फोन, जीपीएस उपकरण या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक साधन नहीं था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर गोला-बारूद तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

जब्ती और आगे की जाँच

वाहन की तलाशी में 7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई। जब्ती की सूचना पर वरिष्ठ STF अधिकारी अंजनी सिंह आरोपियों से पूछताछ और नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए पटना से कोइलवार पहुँचे।

जाँचकर्ता अब तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं — गोला-बारूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बिहार कैसे पहुँचाया गया, परिवहन में किसने सहायता की, और उत्तरी बिहार में इसके संभावित खरीदार कौन थे। आपूर्तिकर्ताओं, बिचौलियों और प्राप्तकर्ताओं की पहचान का प्रयास जारी है।

क्या होगा आगे

पुलिस और STF गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच कर रहे हैं और तस्करी गिरोह के शेष सदस्यों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि यह इलाका पहले भी अवैध हथियार तस्करी की घटनाओं से जुड़ा रहा है, और इस बड़ी जब्ती ने संभावित हथियार आपूर्ति श्रृंखला के विस्तार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जाँच के नतीजे तस्करी के पूरे नेटवर्क की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 राउंड गोला-बारूद की बरामदगी महज एक तस्करी मामला नहीं है — यह एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत करती है जो राज्य की सीमाओं को सहजता से पार कर रही थी। आरोपियों के पास किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का न होना यह दर्शाता है कि गिरोह डिजिटल निगरानी से परिचित और सतर्क था। उत्तरी बिहार में वितरण नेटवर्क की मौजूदगी की संभावना इस घटना को महज परिवहन अपराध से परे ले जाती है। असली सवाल यह है कि क्या जाँचकर्ता अब केवल वाहक को दंडित करने तक सीमित रहेंगे, या आपूर्तिकर्ता और खरीदार तक पहुँच सकेंगे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजपुर में गोला-बारूद जब्ती का मामला क्या है?
2 नवंबर 2026 को बिहार पुलिस और STF ने भोजपुर के कोइलवार थाना क्षेत्र में एक टाटा सफारी एसयूवी से 19,000 से अधिक राउंड 7.65 मिमी कैलिबर गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल जब्त की। इस दौरान तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार तीन संदिग्ध हैं — सरस कुमार और ललतू कुमार, जो मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं, और चंदन तिवारी, जो सिवान जिले का है। पूछताछ में उन्होंने कथित तौर पर तस्करी में संलिप्तता स्वीकार की है।
यह गोला-बारूद कहाँ से लाया जा रहा था और कहाँ भेजा जाना था?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, गोला-बारूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाया गया था। इसे उत्तरी बिहार के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से मुजफ्फरपुर में वितरित किया जाना था। आपूर्ति श्रृंखला की पूरी जाँच जारी है।
पुलिस को इस अभियान का सुराग कैसे मिला?
पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि एक वाहन में अवैध गोला-बारूद की भारी खेप लेकर तस्कर बिहार में प्रवेश करने वाले हैं। इसके बाद STF और पुलिस ने संयुक्त निगरानी शुरू की और मनभवन मोड़ पर वाहन को रोककर जब्ती की।
अब आगे की जाँच किस दिशा में होगी?
जाँचकर्ता तस्करी नेटवर्क के आपूर्तिकर्ताओं, बिचौलियों और संभावित खरीदारों की पहचान करने पर केंद्रित हैं। वरिष्ठ STF अधिकारी अंजनी सिंह पूछताछ के लिए मौके पर पहुँचे हैं और गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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