भोजपुर में बिहार पुलिस-STF की बड़ी कार्रवाई: 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त टीम ने 2 नवंबर 2026 को भोजपुर जिले के कोइलवार थाना क्षेत्र अंतर्गत मनभवन मोड़ के पास एक बड़े अभियान में तीन कथित हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया और 7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद तथा एक भरी हुई पिस्तौल बरामद की। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, यह खेप पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाई जा रही थी और इसे उत्तरी बिहार, विशेषकर मुजफ्फरपुर में वितरित किया जाना था।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस को पहले से खुफिया सूचना मिली थी कि एक तस्कर गिरोह अवैध गोला-बारूद की भारी खेप लेकर बिहार में प्रवेश करने वाला है। इसके बाद पुलिस और STF ने संयुक्त निगरानी शुरू की। बताया जा रहा है कि संदिग्धों ने रात वाराणसी में बिताई और सोमवार सुबह उनके वाहन के बिहार में प्रवेश करने की सूचना मिलते ही एक संयुक्त दल तैनात कर दिया गया।
जब एक टाटा सफारी एसयूवी मनभवन मोड़ पर पहुँची, तो पुलिस दल ने उसे रोक लिया। आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया, जिस दौरान उनकी एसयूवी पीछे से आ रही टाटा हैरियर और सामने से आ रही टाटा नेक्सन से टकरा गई, जिससे दोनों वाहनों के अगले हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तीनों आरोपियों को काबू में कर लिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों की पहचान सरस कुमार, ललतू कुमार और चंदन तिवारी के रूप में हुई है। सरस कुमार और ललतू कुमार मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं, जबकि चंदन तिवारी सिवान जिले का रहने वाला है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए व्यापक एहतियात बरती थी — कथित तौर पर उनके पास मोबाइल फोन, जीपीएस उपकरण या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक साधन नहीं था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर गोला-बारूद तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
जब्ती और आगे की जाँच
वाहन की तलाशी में 7.65 मिमी कैलिबर के 19,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई। जब्ती की सूचना पर वरिष्ठ STF अधिकारी अंजनी सिंह आरोपियों से पूछताछ और नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए पटना से कोइलवार पहुँचे।
जाँचकर्ता अब तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं — गोला-बारूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बिहार कैसे पहुँचाया गया, परिवहन में किसने सहायता की, और उत्तरी बिहार में इसके संभावित खरीदार कौन थे। आपूर्तिकर्ताओं, बिचौलियों और प्राप्तकर्ताओं की पहचान का प्रयास जारी है।
क्या होगा आगे
पुलिस और STF गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच कर रहे हैं और तस्करी गिरोह के शेष सदस्यों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि यह इलाका पहले भी अवैध हथियार तस्करी की घटनाओं से जुड़ा रहा है, और इस बड़ी जब्ती ने संभावित हथियार आपूर्ति श्रृंखला के विस्तार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जाँच के नतीजे तस्करी के पूरे नेटवर्क की दिशा तय करेंगे।