क्या मध्य प्रदेश की भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा और जुमे की नमाज दोनों होंगी?
सारांश
Key Takeaways
- धार में बसंत पंचमी का आयोजन विशेष है।
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
- भोजशाला में पूजा और नमाज एक साथ होगी।
- नो-फ्लाई जोन के तहत उड़ान गतिविधियों पर रोक है।
- साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है।
धार, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बसंत पंचमी शुक्रवार को है और यह दिन मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज का आयोजन होगा। प्रशासन ने सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए हैं। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
भोजशाला लंबे समय से विवादों में है। हिंदूसरस्वती मंदिर मानते हैं और पूजा करते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमाल मौला की मस्जिद बताते हुए नमाज पढ़ते हैं। यहां मंगलवार को हिंदुओं को पूजा करने और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने की अनुमति है।
हालांकि, इस बार शुक्रवार को बसंत पंचमी पड़ने के बाद विवाद बढ़ गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस दिन हिंदुओं को पूजा और मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी है। इसके लिए समय भी निर्धारित किया गया है। इस विशेष अवसर के मद्देनज़र प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, क्योंकि यह उनके लिए एक चुनौती बन गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रियंक मिश्र ने धार में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में बसंत पंचमी पर 300 मीटर की परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधियों जैसे ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून आदि का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
इसी तरह, सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नगर पालिका क्षेत्र धार में निवासरत कोई भी व्यक्ति अपने भवन निर्माण सामग्री या अन्य सामग्री को सार्वजनिक स्थान पर नहीं रख सकेगा।
एक अन्य प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत, भोजशाला में प्रवेश करने वाले दोनों समुदायों के लोग केवल पूजन सामग्री, अक्षत और फूल के अलावा अन्य कोई सामग्री (जैसे मोबाइल फोन, बैग, कैमरा आदि) बिना अनुमति के नहीं ले जा सकेंगे। किसी भी व्यक्ति को घातक हथियार जैसे चाकू, तलवार आदि साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। धार में 6461 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें 933 महिला बल भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 20 ड्रोन्स से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्राउड मैनेजमेंट किया जा रहा है।