राजस्थान में महिला चोर गिरोह का भंडाफोड़: एक्सरे में पेट से निकले चोरी के गहने
सारांश
Key Takeaways
- महिला चोर गिरोह का खुलासा हुआ।
- चोरी के गहने पेट से मिले।
- पुलिस ने धार्मिक आयोजनों में सक्रियता दिखाई।
- गिरफ्तार महिलाओं में बुजुर्ग शामिल थीं।
- पुलिस अन्य चोरी के मामलों की जांच कर रही है।
जयपुर, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान पुलिस ने भीलवाड़ा में महिलाओं के एक चोर गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह कथित तौर पर मध्य प्रदेश से राजस्थान आता था और धार्मिक आयोजनों के दौरान गहने चोरी करने में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, पकड़े जाने से बचने के लिए ये महिलाएं चोरी किए गए गहनों को निगल जाती थीं, ताकि तलाशी के समय उनके पास कुछ न मिले।
राजस्थान पुलिस ने भीलवाड़ा जिले के कोटरी में एक मंदिर के कार्यक्रम के दौरान गहने चोरी करने के आरोप में सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल जांच और एक्सरे के दौरान डॉक्टर उस समय चौंक गए जब एक महिला के पेट में मंगलसूत्र और सोने के कई मनके पाए गए।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान शानू (31), व्रतिका (20), बरजी बाई (52), बसंती (60), मैना (28), पायल (20) और सपना (32) के रूप में हुई है। ये सभी नीमच जिले के विभिन्न गांवों की निवासी हैं। बताया जा रहा है कि इस गिरोह में बुजुर्ग महिलाएं भी चोरी की गतिविधियों में सक्रिय थीं।
कोटरी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी महावीर मीणा के अनुसार, यह चोरी चारभुजा मंदिर में शीतला सप्तमी पर हुई थी। उस समय रंगोत्सव मनाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे, और इसी भीड़ का फायदा उठाकर गिरोह ने महिलाओं को निशाना बनाया।
स्थानीय निवासी राधा अहीर ने शिकायत दर्ज कराई कि भीड़ में उनके गले से सोने का मंगलसूत्र और छह सोने के मनकों वाला हार चोरी हो गया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिससे पता चला कि संदिग्ध महिलाएं राज्य के बाहर की हैं। रात में गश्त के दौरान पुलिस ने एक कार में जा रही सात संदिग्ध महिलाओं को पकड़ा और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कार चालक को भी हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान महिलाओं ने चोरी की बात स्वीकार कर ली और उन्हें गुरुवार शाम को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण किया गया, जिसमें सपना के पेट में धातु की वस्तु दिखाई दी।
इसके बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के माध्यम से चोरी किया गया मंगलसूत्र और सोने के मनके बाहर निकाल लिए।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह चोरी के तुरंत बाद गहनों को निगल लेता था या छिपा देता था, ताकि तलाशी के दौरान पकड़ा न जाए। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह क्षेत्र के अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में हुई चोरियों में भी शामिल रहा है।