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क्या दूसरे दिन भी भुवनेश्वर नगर निगम कर्मचारियों का 'काम बंद करो' आंदोलन जारी रहा?

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क्या दूसरे दिन भी भुवनेश्वर नगर निगम कर्मचारियों का 'काम बंद करो' आंदोलन जारी रहा?

सारांश

भुवनेश्वर नगर निगम के कर्मचारियों का 'काम बंद करो' आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। यह आंदोलन हाल की हिंसक घटना के खिलाफ उनकी आवाज है। क्या यह संघर्ष और बढ़ेगा? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

कर्मचारी एकजुटता : कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए एकजुटता दिखाई है।
हिंसक घटना : यह आंदोलन हाल की हिंसक घटना का परिणाम है।
भाजपा की कार्रवाई : भाजपा ने हिंसा में शामिल सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है।
नागरिक संचालन : आंदोलन ने शहर के नागरिक संचालन को प्रभावित किया है।
सुरक्षा की मांग : आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

भुवनेश्वर, २ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन अपना 'काम बंद करो' विरोध जारी रखा। वे काले बैज पहनकर कार्यस्थल पहुंचे और पूरी तरह से कलम बंद हड़ताल पर रहे।

यह विरोध हाल ही में अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर भाजपा पार्षद और उनके समर्थकों द्वारा किए गए हमले के जवाब में शुरू हुआ है। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी सचिदानंद पति ने मीडिया से कहा, "इस घटना ने हमारे कर्मचारियों के मनोबल को बहुत ठेस पहुंचाई है। हम सिर्फ एक अधिकारी के लिए न्याय की मांग में विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि सभी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए विरोध कर रहे हैं। हिंसा के ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"

अधिकारी ने कहा कि विरोध कब तक जारी रहेगा, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, "जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम अपने रुख पर एकजुट हैं।" इस बीच, शहर में नागरिक संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि नियमित प्रशासनिक कार्य निलंबित हैं। बीएमसी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की चिंताओं पर चर्चा के लिए एक बैठक भी की है।

उल्लेखनीय है कि गत ३० जून को भुवनेश्वर नगर निगम कार्यालय में हुई हिंसक घटना के सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी ने अपने पांच प्राथमिक सदस्यों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने हिंसा में शामिल होने के आरोपों के आधार पर नगरसेवक अपरूप नारायण राऊत, रश्मि रंजन महापात्रा, देबाशीष प्रधान, सचिकान्त स्वैन, और संजीव मिश्रा को निलंबित करने की घोषणा कर दी थी। इसकी पुष्टि खुद भाजपा के मीडिया सेल ने की थी।

भाजपा का यह कदम बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू को सोमवार को कथित तौर पर उनके कार्यालय से खींचे जाने और उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमला किए जाने के बाद लिया गया था। इस घटना के बाद अधिकारियों ने तुरंत काम करना बंद कर दिया था और धरने पर बैठ गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वे एकजुट होते हैं। यह संघर्ष केवल भुवनेश्वर में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कर्मचारियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक मौका है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर नगर निगम कर्मचारियों का आंदोलन क्यों हो रहा है?
यह आंदोलन अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर किए गए हमले के खिलाफ है।
कर्मचारी किस प्रकार का विरोध कर रहे हैं?
कर्मचारी 'काम बंद करो' आंदोलन के तहत काले बैज पहनकर कलम बंद हड़ताल कर रहे हैं।
भाजपा ने किसे निलंबित किया है?
भाजपा ने पांच प्राथमिक सदस्यों को हिंसा में शामिल होने के आरोप में निलंबित किया है।
आंदोलन कब तक जारी रहेगा?
जब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस आंदोलन का असर शहर पर क्या पड़ा है?
शहर में नागरिक संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और प्रशासनिक कार्य निलंबित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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