अररिया में NH-27 पर कार से 1 किलो स्मैक बरामद, पश्चिम बंगाल के मालदा के चार तस्कर गिरफ्तार

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अररिया में NH-27 पर कार से 1 किलो स्मैक बरामद, पश्चिम बंगाल के मालदा के चार तस्कर गिरफ्तार

सारांश

बिहार के अररिया में NH-27 पर पुलिस की गुप्त सूचना आधारित कार्रवाई में मालदा के चार कथित तस्करों से 1 किलो से अधिक स्मैक बरामद हुई। मुख्य तस्कर हैदर की पूर्व गिरफ्तारी के बाद यह फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज जाँच की बड़ी सफलता है — मालदा-पूर्णिया-अररिया तस्करी रूट पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।

Key Takeaways

अररिया पुलिस ने 2 मई 2026 को NH-27 पर कार की तलाशी में 1 किलोग्राम से अधिक स्मैक बरामद की। गिरफ्तार चारों आरोपी — मोहम्मद उमेर अली, मो. रोहित शेख, सबीरूल शेख और सदिकुल — पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक के रहने वाले हैं। स्मैक मालदा से पूर्णिया होते हुए अररिया पहुँचाई जा रही थी और स्थानीय स्तर पर चार से पाँच गुना बढ़ाकर बेची जाती थी। एसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार यह कार्रवाई मुख्य तस्कर हैदर की गिरफ्तारी के बाद की जा रही लिंकेज जाँच का हिस्सा है। सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया; अररिया थाने में प्राथमिकी दर्ज; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

बिहार के अररिया जिले के नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 2 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के चार कथित तस्करों को 1 किलोग्राम से अधिक स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 स्थित न्यू नरंगा ढाबे के पास एक कार से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार यह खेप मालदा से पूर्णिया होते हुए अररिया पहुँचाई जा रही थी।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

अररिया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर एक स्थानीय तस्कर हैदर की बहन लीलो को मादक पदार्थ की बड़ी खेप पहुँचाने आ रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने नगर थाना अंतर्गत NH-27 पर घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। कार के डैशबोर्ड के टूल बॉक्स में छुपाई गई स्मैक बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए चारों व्यक्ति पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक के रहने वाले बताए जाते हैं। इनकी पहचान इस प्रकार है — मोहम्मद उमेर अली (उम्र 21 वर्ष), मो. रोहित शेख (उम्र 19 वर्ष), सबीरूल शेख (उम्र 27 वर्ष) और सदिकुल (उम्र 19 वर्ष)। पुलिस के अनुसार ये चारों मालदा से अररिया तक स्मैक सप्लाई करने वाले प्रमुख कैरियर माने जाते हैं। सभी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

तस्करी नेटवर्क की कड़ी टूटी

अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस गिरफ्तारी से जिले में स्मैक सप्लाई की प्रमुख कड़ी टूट गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य तस्कर हैदर मालदा से बड़ी मात्रा में कच्ची स्मैक लाता था, जिसे अररिया में चार से पाँच गुना बढ़ाकर बेचा जाता था। हैदर की पूर्व गिरफ्तारी के बाद फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जाँच में यह नई सफलता मिली है।

आगे की कार्रवाई

इस मामले में अररिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी रखे हुए है। एसपी जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी नेटवर्क की हर कड़ी को तोड़ा जाएगा।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष तक पहुँच पाती है या केवल कैरियर स्तर पर गिरफ्तारियाँ होती रहती हैं। सीमावर्ती जिलों में नशा तस्करी की जड़ें अक्सर स्थानीय राजनीतिक संरक्षण और कमज़ोर सीमा निगरानी में होती हैं — जिन पर खुलकर बात कम ही होती है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

अररिया में स्मैक बरामदगी की यह घटना क्या है?
2 मई 2026 को बिहार के अररिया जिले में NH-27 पर पुलिस ने एक कार के डैशबोर्ड के टूल बॉक्स से 1 किलोग्राम से अधिक स्मैक बरामद की और पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के चार कथित तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
गिरफ्तार तस्कर कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
चारों आरोपी — मोहम्मद उमेर अली (21), मो. रोहित शेख (19), सबीरूल शेख (27) और सदिकुल (19) — पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक के रहने वाले बताए जाते हैं। पुलिस के अनुसार ये मालदा से अररिया तक स्मैक सप्लाई करने वाले प्रमुख कैरियर थे।
यह तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता था?
मुख्य तस्कर हैदर मालदा से कच्ची स्मैक लाता था, जिसे अररिया में चार से पाँच गुना बढ़ाकर बेचा जाता था। स्मैक मालदा से पूर्णिया होते हुए अररिया पहुँचाई जाती थी और हैदर की बहन लीलो को खेप दी जाती थी।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
अररिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
हैदर की गिरफ्तारी से इस मामले का क्या संबंध है?
हैदर इस तस्करी नेटवर्क की प्रमुख कड़ी था जो मालदा से अररिया तक स्मैक की आपूर्ति करता था। उसकी पूर्व गिरफ्तारी के बाद फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जाँच के दौरान इन चार कैरियरों को पकड़ा गया, जिसे एसपी ने बड़ी सफलता बताया है।
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