30 सितंबर 2026
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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों के लिए ₹62.52 करोड़ मंजूर

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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों के लिए ₹62.52 करोड़ मंजूर

सारांश

बिहार मंत्रिपरिषद ने एक ही बैठक में 30 वाटर कैनन, 86 वज्र वाहन, हरित हाइड्रोजन नीति, 2,585 मेगावाट सोलर संयंत्र और हीमोफीलिया योजना समेत 30 बड़े फैसले लिए — यह बैठक सुरक्षा आधुनिकीकरण से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक बिहार के नीतिगत एजेंडे की विस्तृत तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
30 वाटर कैनन (₹26.40 करोड़) और 86 वज्र वाहन (₹36.12 करोड़) की खरीद के लिए कुल ₹62.52 करोड़ स्वीकृत।
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी; 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए ₹2,761.55 करोड़ का अनुदान।
मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना शुरू; पहले वर्ष के लिए ₹26.33 करोड़ स्वीकृत।
आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹477 करोड़ का अग्रिम।
आरसीएस हवाई अड्डों पर विमान ईंधन पर वैट 1% से घटाकर शून्य ; पटना में क्रूज टर्मिनल के लिए भूमि 25 वर्षों की लीज पर।

बिहार की राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इन वाहनों की खरीद के लिए कुल ₹62.52 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस बैठक में ऊर्जा, सड़क, आवास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

वाहन खरीद का वित्तीय विवरण

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, 30 वाटर कैनन की खरीद पर प्रति वाहन ₹88 लाख की दर से कुल ₹26.40 करोड़ व्यय होंगे। इसके साथ ही 86 वज्र वाहनों के लिए प्रति वाहन ₹42 लाख की दर से ₹36.12 करोड़ खर्च किए जाएंगे। दोनों मदों को जोड़कर कुल ₹62.52 करोड़ की राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित कार्रवाई क्षमता और संसाधनों को सुदृढ़ करना है।

ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय

मंत्रिपरिषद ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों — जिनमें 132 गाँव शामिल हैं — के 21,644 घरों को ग्रिड से विद्युतीकृत करने के लिए आरडीएसएस के तहत योजना की पुनरीक्षित लागत ₹117.80 करोड़ से बढ़ाकर ₹351.85 करोड़ कर दी गई। इसके अलावा राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना हेतु ₹2,714.25 करोड़ का अनुदान और ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए ₹47.30 करोड़ समेत कुल ₹2,761.55 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया।

अवसंरचना, आवास और स्वास्थ्य पर फैसले

आवास क्षेत्र में बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू करने और बहादुरपुर सेक्टर-5 में टीवी टावर के निकट 8.5 एकड़ भूखंड पर परियोजना के लिए भी एनबीसीसी के साथ समझौते को मंजूरी दी गई। पथ निर्माण के अंतर्गत तारापुर बाईपास के लिए ₹115.90 करोड़, रनगांव-भागलपुरा से धौनी बाईपास के लिए ₹87.63 करोड़ और मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से जुड़े कार्यों के लिए ₹82.26 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना को मंजूरी मिली, जिसके पहले वर्ष के लिए ₹26.33 करोड़ स्वीकृत किए गए।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका समेत संबंधित कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹477 करोड़ के अग्रिम को मंजूरी दी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कम्प्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय और शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय में 34-34 पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली। पटना में विश्वस्तरीय क्रूज टर्मिनल के लिए सबलपुर, दियारा और दुजरा दियारा में दो-दो एकड़ भूमि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को 25 वर्षों के लिए अस्थायी लीज पर दी जाएगी। इसके अलावा आरसीएस हवाई अड्डों पर विमान ईंधन पर वैट 1 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने और मुंगेर में एनएच-333 के चौड़ीकरण के लिए ₹51.22 करोड़ की घटनोत्तर स्वीकृति समेत कई अन्य प्रस्तावों को हरी झंडी मिली।

आगे की राह

इन फैसलों का क्रियान्वयन संबंधित विभागों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। वज्र वाहनों और वाटर कैनन की तैनाती से राज्य पुलिस की भीड़ नियंत्रण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि सोलराइजेशन और हरित हाइड्रोजन नीति बिहार को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ ऊर्जा संक्रमण की महत्वाकांक्षी योजनाएँ। हालाँकि ₹2,761.55 करोड़ का सोलराइजेशन अनुदान प्रभावशाली है, सवाल यह है कि कार्यान्वयन एजेंसियाँ इस पैमाने को समयबद्ध तरीके से निष्पादित कर पाएंगी या नहीं — बिहार में अतीत में बड़ी ऊर्जा परियोजनाएं लागत वृद्धि और विलंब की शिकार रही हैं, जैसा कि कैमूर-रोहतास परियोजना की लागत में ही तीन गुना बढ़ोतरी से स्पष्ट है। मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना जैसे लक्षित स्वास्थ्य हस्तक्षेप स्वागतयोग्य हैं, पर उनकी सफलता धरातल पर वितरण तंत्र की मजबूती पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट ने वाटर कैनन और वज्र वाहनों के लिए कितनी राशि मंजूर की?
बिहार मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर 2026 को 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों की खरीद के लिए कुल ₹62.52 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी। वाटर कैनन पर ₹26.40 करोड़ और वज्र वाहनों पर ₹36.12 करोड़ खर्च होंगे।
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 क्या है?
बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 राज्य की एक नई ऊर्जा नीति है जिसे 30 सितंबर 2026 को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी। यह नीति राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने का ढाँचा तैयार करती है।
बिहार में कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ?
राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना हेतु ₹2,714.25 करोड़ का अनुदान और ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए ₹47.30 करोड़ समेत कुल ₹2,761.55 करोड़ मंजूर किए गए।
मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना क्या है और इसके लिए कितना बजट है?
मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना बिहार में हीमोफीलिया के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई नई स्वास्थ्य योजना है। इसके पहले वर्ष के लिए ₹26.33 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
बिहार कैबिनेट की 30 सितंबर 2026 की बैठक में और कौन-से प्रमुख फैसले हुए?
बैठक में पटना में क्रूज टर्मिनल के लिए 25 वर्षों की लीज, आरसीएस हवाई अड्डों पर ईंधन वैट शून्य करना, आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए ₹477 करोड़ का अग्रिम, दो नए विश्वविद्यालयों में 34-34 पदों का सृजन और कई सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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