क्या पूर्व जदयू विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के समर्थकों का विरोध सीएम आवास पर असर डालेगा?
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने सीट शेयरिंग का नया फॉर्मूला तैयार कर लिया है। भाजपा और जदयू समान सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं, लेकिन जदयू के कई मौजूदा और पूर्व विधायक टिकट कटने की संभावना से नाराज बताये जा रहे हैं।
मंगलवार को गोपाल मंडल ने टिकट कटने की आशंका के कारण मुख्यमंत्री आवास के बाहर हंगामा किया। वहीं, नवीनगर विधानसभा में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने की संभावना पर पूर्व जदयू विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के समर्थकों ने मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन किया।
नवीनगर विधानसभा के कुछ कार्यकर्ता पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के समर्थन में सीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की संभावनाओं के खिलाफ विरोध प्रकट किया।
जदयू नेता अनिल कुमार यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमारे पूर्व विधायक ने पार्टी को मजबूत करने का कार्य किया है, लेकिन इस बार हमें सुनने में आया है कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। उनकी जगह किसी बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम यहां विरोध जताने आए हैं ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हमारी विधानसभा में पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह को ही टिकट मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व उनकी जगह किसी बाहरी को टिकट देती है तो हम सभी कार्यकर्ता इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। जदयू के सूत्रों के अनुसार, इस बार कई सिटिंग विधायक और पूर्व विधायक जो टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें बड़ा झटका लग सकता है। जदयू इस बार कुछ नए चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतर सकती है।
जहां तक नवीनगर विधानसभा की बात है, वहां के 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू के उम्मीदवार वीरेंद्र कुमार सिंह को राजद के विजय कुमार सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के उम्मीदवार ने यहां जीत हासिल की थी।