21 जुलाई 2026
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क्या बिहार चुनाव की तैयारी में रालोजपा ने चिराग पासवान के प्रभाव को खत्म करने का लक्ष्य रखा है?

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क्या बिहार चुनाव की तैयारी में रालोजपा ने चिराग पासवान के प्रभाव को खत्म करने का लक्ष्य रखा है?

सारांश

बिहार चुनाव को लेकर रालोजपा के प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने सूरजभान सिंह के साथ बैठक में चिराग पासवान के प्रभाव को खत्म करने की रणनीति का ऐलान किया। चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी के विजन और संगठनात्मक ताकत पर चर्चा हुई।

मुख्य बातें

रालोजपा का लक्ष्य चिराग पासवान के प्रभाव को खत्म करना है।
बैठक में सूरजभान सिंह ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
बिहार की जनता रालोजपा के साथ है।

पटना, ८ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने बिहार के प्रमुख नेता और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। इस बैठक की अध्यक्षता सूरजभान सिंह ने की, जिसमें उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उपस्थित थी।

बैठक के दौरान सूरजभान सिंह ने स्पष्ट किया कि बिहार विधानसभा चुनाव में जहां-जहां चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवार होंगे, वहां रालोजपा और उनके सशक्त उम्मीदवार पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। हमारी पार्टी चिराग पासवान के प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव कोशिश करेगी।

इस मौके पर श्रवण कुमार अग्रवाल ने चिराग पासवान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "हम सभी तैयारियों में जुटे हैं ताकि विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान के सभी उम्मीदवारों को करारी शिकस्त दी जा सके। हमारी पार्टी और सूरजभान सिंह के नेतृत्व में मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे, जो चिराग के उम्मीदवारों को हराने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।"

श्रवण कुमार अग्रवाल ने यह भी कहा कि बिहार की जनता रालोजपा के साथ है और चिराग पासवान के नेतृत्व को नकारने के लिए तैयार है। बैठक में रालोजपा की रणनीति और संगठनात्मक ताकत को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सूरजभान सिंह ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और जनता के बीच पार्टी के विजन को पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और रालोजपा उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके साथ ही उन्होंने एनडीए गठबंधन में चल रही उथल-पुथल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी के बयानों पर सवाल उठाए।

श्रवण कुमार अग्रवाल ने कहा, "जीतन राम मांझी सुबह कुछ और बोलते हैं और शाम को कुछ और। उनके बयानों में कोई गंभीरता नहीं है, और वह खुद अपने बयानों पर कायम नहीं रहते। यह साफ है कि एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं है।"

उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए के भीतर की अस्थिरता बिहार की जनता के सामने उजागर हो रही है और इसका फायदा रालोजपा को मिलेगा। अभी तक के रुझान से यह संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनने जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रालोजपा चुनाव में चिराग पासवान को मात दे पाएगी?
रालोजपा ने चुनावी रणनीति के तहत मजबूत उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है, जिससे चिराग पासवान के प्रभाव को कम किया जा सके।
बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में रालोजपा की संगठनात्मक ताकत और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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