क्या बिहार में गेसिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ? वॉकी-टॉकी से पुलिस की निगरानी कर रहे थे आरोपी, 17 गिरफ्तार

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क्या बिहार में गेसिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ? वॉकी-टॉकी से पुलिस की निगरानी कर रहे थे आरोपी, 17 गिरफ्तार

सारांश

पटना में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अवैध गेसिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 17 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस रैकेट के सदस्य वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर पुलिस गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। क्या यह कार्रवाई बिहार में कानून व्यवस्था को सुधारने में मदद करेगी?

मुख्य बातें

बिहार में गेसिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।
पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपी वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे।
मुख्य संचालक मोहम्मद सैफुल्लाह गिरफ्तार।
पुलिस फरार मास्टरमाइंड की तलाश में है।

पटना, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में अवैध गेसिंग के धंधे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। पीरबहोर थाना क्षेत्र के सब्जीबाग चंबलघाटी इलाके में इस रैकेट पर पुलिस ने छापेमारी कर गेसिंग संचालक सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया।

मामले की पुष्टि करते हुए पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि गेसिंग गिरोह के सदस्य पुलिस पर नजर रखने के लिए waki-taki जैसे वायरलेस उपकरणों का उपयोग कर रहे थे, ताकि समय रहते अलर्ट हो सकें।

एसपी दीक्षा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सब्जीबाग के चंबलघाटी इलाके में गेसिंग का खेल चल रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए एसडीपीओ टाउन के निर्देश पर पीरबहोर थाने की एक विशेष टीम गठित की गई।

छापेमारी के दौरान गेसिंग खेल रहे और खिलवा रहे कुल 16 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मौके से दो गेसिंग चार्ट, बड़ी संख्या में कटे हुए गेसिंग कूपन, कैलकुलेटर और करीब 20 हजार नकद रुपए भी बरामद हुए।

मुख्य संचालक मोहम्मद सैफुल्लाह को भी मौके से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से नकदी और कूपन बरामद हुए हैं। ऐसे में अब तक कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध रैकेट का एक और मास्टरमाइंड मोहम्मद राशिद भी है, जो सब्जीबाग का ही निवासी है। जब पुलिस टीम उसके घर पहुंची, तो वह पहले ही फरार हो चुका था।

हालांकि, उसके घर की तलाशी में पुलिस को गेसिंग चार्ट, पर्चियां, डेली हिसाब की पंजी, तीन वॉकी-टॉकी सेट, चार्जर और करीब 90 हजार रुपए नकद बरामद हुए। इसके साथ ही चार जिंदा कारतूस भी पुलिस ने जब्त किए, जिस पर आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया है।

एसपी दीक्षा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे। साथ ही, गेसिंग से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए भी यह उपकरण प्रयोग में लाए जा रहे थे।

फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपी मोहम्मद राशिद की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गेसिंग रैकेट का भंडाफोड़ कब हुआ?
यह कार्रवाई 24 अगस्त को पटना में की गई।
कितने लोग गिरफ्तार हुए?
कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में कौन शामिल था?
गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य संचालक मोहम्मद सैफुल्लाह और अन्य शामिल हैं।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने गेसिंग चार्ट, नकद पैसे और वॉकी-टॉकी सेट बरामद किए।
क्या इस रैकेट का कोई और मास्टरमाइंड था?
हाँ, मोहम्मद राशिद नामक एक और मास्टरमाइंड की पहचान हुई है, जो फरार है।
राष्ट्र प्रेस
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