राष्ट्रीय एकता दिवस: बिहार के 22 नक्सल मुक्त जिलों से 1,100 यात्री गुजरात रवाना, CM सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में बिहार के 22 नक्सल मुक्त जिलों से 1,100 यात्रियों को लेकर एक विशेष ट्रेन 28 अक्टूबर 2026 को पाटलिपुत्र स्टेशन, पटना से गुजरात के एकता नगर के लिए रवाना हुई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को स्वयं स्टेशन पर उपस्थित होकर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। बिहार सरकार की यह पहल राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
बिहार सरकार द्वारा आयोजित इस विशेष यात्रा का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय एकता, देश की साझा विरासत और विविधता में एकता के संदेश को आम लोगों तक पहुँचाना है। इन यात्रियों को एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण कराया जाएगा, जो देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है और भारत की एकता व अखंडता का प्रतीक माना जाता है।
गौरतलब है कि देश में प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इस वर्ष यह आयोजन बिहार के उन जिलों के नागरिकों को राष्ट्रीय महत्व के स्थलों से जोड़ने का प्रयास है, जो कभी नक्सल प्रभावित रहे हैं।
नक्सल मुक्त जिलों से जुड़ाव का संदेश
इस विशेष ट्रेन में बिहार के 22 नक्सल मुक्त जिलों के प्रतिनिधि यात्री शामिल हैं। यह पहल उन इलाकों के लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है जो वर्षों तक उग्रवाद की छाया में रहे। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसी यात्राएँ न केवल नागरिकों को राष्ट्रीय धरोहर से परिचित कराती हैं, बल्कि उनमें देश की मुख्यधारा से जुड़ने की भावना भी प्रबल करती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति और मीडिया से दूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुँचे और ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्टेशन पर विशेष आयोजन भी हुआ। हालाँकि, ट्रेन रवाना होने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री से इस आयोजन पर सवाल पूछने की कोशिश की, तो वह हाथ जोड़कर आगे बढ़ गए और किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया।
एकता नगर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का महत्व
गुजरात के एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है और सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति को समर्पित है। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर यहाँ पहुँचने वाले यात्रियों को भारत की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से साक्षात्कार का अवसर मिलेगा।
आने वाले दिनों में इन यात्रियों के अनुभव और इस पहल के व्यापक असर पर नज़र रखी जाएगी, क्योंकि बिहार सरकार ऐसे कार्यक्रमों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण की अपनी रणनीति का हिस्सा मानती है।