सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: पटना से 1,150 श्रद्धालुओं की विशेष ट्रेन रवाना, सीएम सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 21 जुलाई 2025 को पाटलिपुत्र जंक्शन, पटना से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत 1,150 श्रद्धालुओं को गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु विशेष ट्रेन से रवाना किया। हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को विदाई देने के बाद मुख्यमंत्री ने यात्रियों से मुलाकात की और ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं का स्वयं जायजा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन, डमरू वादन और शंखध्वनि के साथ हुई, जिसने आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने बिहारवासियों की ओर से श्रद्धालु शोभा सिंह को कलश और अजीत कुमार को ध्वज भेंट किया। आयोजन 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व — अटूट आस्था की गौरव गाथा' की भावना के अनुरूप श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री का संबोधन
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों से आए 1,150 श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यात्रा के साथ भेजे जा रहे ध्वज और कलश बिहार की आस्था, स्वाभिमान और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।' उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान वे जहाँ भी जाएँ, वहाँ बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा और सनातन मूल्यों का संदेश पहुँचाएँ।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के भी दर्शन करने और बिहार की सुख-शांति, समृद्धि तथा सर्वांगीण विकास के लिए प्रार्थना करने का विशेष आग्रह किया।
ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक महत्व
सम्राट चौधरी ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने हमला कर उसे लूटा था और नालंदा विश्वविद्यालय को भी नष्ट किया गया था। उन्होंने स्मरण कराया कि स्वतंत्र भारत में 75 वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, जिसमें देश के प्रथम राष्ट्रपति और बिहार के गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन भी हुआ है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
राज्य सरकार की धार्मिक पर्यटन पहल
राज्य सरकार की इस पहल को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि बिहार की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना को पूरे देश तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। सरकार ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया।
अन्य नेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक संजय सरावगी ने भी संबोधित किया। इस आयोजन ने बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने की सरकार की मंशा को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। आने वाले समय में ऐसी और यात्राओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।