नीतीश कुमार जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनः निर्वाचित, पटना बैठक में संगठन विस्तार का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय एवं राज्य परिषद की बैठक 21 जून 2026 को पटना में आयोजित हुई, जिसमें नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया और पार्टी संगठन को और सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। राज्य परिषद ने उमेश सिंह कुशवाहा को बिहार प्रदेश जदयू अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से स्वीकृति दी।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, मंत्री निशांत कुमार, मंत्री जमा खान तथा प्रदेश निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार मुन्ना सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और राज्य परिषद के सदस्य उपस्थित रहे। मंत्री अशोक चौधरी ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसका समर्थन मंत्री शीला मंडल ने किया, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव श्रवण कुमार ने रखा।
राजनीतिक प्रस्ताव की मुख्य बातें
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि राजनीतिक प्रस्ताव में नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़कर सत्ता हस्तांतरण के निर्णय को 'राजनीतिक शुचिता, विश्वास और सहयोग का अनूठा उदाहरण' बताया गया। प्रस्ताव में दावा किया गया कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 85 सीटों पर जीत हासिल की, जिसे पार्टी के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया। प्रस्ताव में अति पिछड़ा, पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों को व्यापक प्रतिनिधित्व दिए जाने का भी उल्लेख किया गया।
रोजगार सृजन, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को 'नीतीश कुमार मॉडल' की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया गया। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम का स्वागत किया गया और भारत-नेपाल सीमा विवाद के द्विपक्षीय समाधान की दिशा में हुए प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया गया।
संगठन विस्तार पर विशेष जोर
बैठक में बताया गया कि जदयू की सदस्य संख्या अब एक करोड़ से अधिक हो चुकी है। नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने, प्रशिक्षण शिविर और सेमिनार आयोजित करने तथा जिला स्तर पर सोशल मीडिया सेल को और सक्रिय बनाने का निर्णय लिया गया। युवाओं को डिजिटल माध्यमों के जरिए पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर भी विशेष चर्चा हुई।
राष्ट्रीय परिषद ने पार्टी की चल-अचल संपत्तियों तथा ट्रस्ट संबंधी निर्णयों के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को अधिकृत किया। साथ ही पार्टी संविधान में आवश्यक संशोधन के लिए भी उन्हें अधिकार प्रदान किया गया।
सम्राट चौधरी सरकार और 'सात निश्चय पार्ट-3'
राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार के कार्यों, विशेषकर सात निश्चय पार्ट-3 के क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक समय देंगे और आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न राज्यों में पार्टी कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
निशांत कुमार को बताया पार्टी का भविष्य
कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पार्टी का भविष्य बताते हुए कहा कि आने वाले दशकों में वह एक सक्षम नेतृत्व के रूप में उभर सकते हैं। ललन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी निशांत कुमार की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार में सुशासन और विकास की जो नीति नीतीश कुमार ने स्थापित की, उसी राह पर एनडीए सरकार आगे बढ़ रही है।