जदयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक: नीतीश कुमार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष, सदस्य संख्या एक करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 21 जून 2026 को पटना में संपन्न हुई, जिसमें नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया और उमेश कुशवाहा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचन को भी पूर्ण समर्थन मिला। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि उसकी सदस्य संख्या अब एक करोड़ से अधिक हो चुकी है।
बैठक के प्रमुख निर्णय
राष्ट्रीय परिषद की इस बैठक में नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने बताया कि नीतीश कुमार ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया है कि वे बिहार का व्यापक दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
बैठक में यह भी तय हुआ कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, वरिष्ठ नेता लल्लन बाबू और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नेतृत्व में पार्टी संगठन को और सुदृढ़ किया जाएगा।
निशांत कुमार का बयान
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उमेश कुशवाहा के निर्वाचन का सभी ने अनुमोदन किया। नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन का भी अनुमोदन किया गया। हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हमें मिलकर पार्टी को और मजबूत करना है।'
उन्होंने पार्टी की बढ़ती सदस्यता पर संतोष जताते हुए बिहार की जनता को धन्यवाद दिया और कहा, 'हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब हमें मिलकर विकसित बिहार और समृद्ध बिहार का निर्माण करना है और बिहार के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।'
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नीतीश कुमार फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जिसका राष्ट्रीय परिषद ने अनुमोदन किया। यह सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रसन्नता का विषय है।' उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की सक्रिय भागीदारी से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है।
पार्टी की विचारधारा और आगे की राह
निशांत कुमार ने पार्टी की धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया। गौरतलब है कि जदयू की सदस्यता में यह उछाल ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पार्टियों ने शुरू कर दी हैं। एक करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ जदयू राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ और मजबूत करने की स्थिति में है। आने वाले समय में नीतीश कुमार के बिहार दौरे और जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद पर पार्टी की रणनीति टिकी रहेगी।