जदयू कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार से अपने बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की
सारांश
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पटना, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है, जहां नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने और संभवतः भाजपा के अंतर्गत मुख्यमंत्री बनने की चर्चा जोर पकड़ रही है, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के कार्यकर्ता एक अलग मांग कर रहे हैं।
जदयू कार्यकर्ताओं का एक समूह खुलकर यह मांग कर रहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद अपने बेटे निशांत कुमार को सौंप दें।
यह मांग पोस्टरों, नारों और सार्वजनिक प्रदर्शनों के माध्यम से बार-बार उठाई जा रही है।
सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर उनके समर्थन में नारे लगाए।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब नीतीश कुमार पटना में विधान परिषद सदस्यों के लिए नवनिर्मित अतिथि गृह के उद्घाटन समारोह में पहुंचे।
कार्यक्रम की शुरुआत 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से हुई, लेकिन यह जल्द ही 'बिहार के मुख्यमंत्री निशांत कुमार जिंदाबाद' में बदल गया।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मंच पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए भीड़ का अभिवादन किया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
इस बीच, राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, खरमास की समाप्ति के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन घटनाक्रमों के बीच, निशांत कुमार की पदोन्नति की संभावना को लेकर चल रही चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
नीतीश कुमार ने पटना में एमएलसी आवास में एक आधुनिक गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया।
यह गेस्ट हाउस जन प्रतिनिधियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए पुस्तकालय और कैफेटेरिया जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।
इस कार्यक्रम में विधान परिषद अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और मंत्री विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।