क्या बिहार की तर्ज पर देशभर में होगी ‘वोटर अधिकार यात्रा’?: संजय राउत

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क्या बिहार की तर्ज पर देशभर में होगी ‘वोटर अधिकार यात्रा’?: संजय राउत

सारांश

क्या बिहार की तर्ज पर देशभर में 'वोटर अधिकार यात्रा' का आरंभ होगा? जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर विपक्षी नेताओं के विचार और यात्रा की सफलता के पीछे का संदेश।

मुख्य बातें

वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य लोगों को उनके मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
यह यात्रा पूरे देश में फैलेगी।
विपक्षी दलों का एकजुट होना महत्वपूर्ण है।
भाजपा की चुनावी रणनीति को चुनौती दिया जाएगा।
यह यात्रा लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक कदम है।

पटना, १ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन दिवस पर विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता उपस्थित हुए। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस यात्रा को सफल बताते हुए दावा किया कि इसका संदेश बिहार के हर कोने में पहुंच चुका है, और अब बिहार की तर्ज पर यह यात्रा पूरे देश में निकाली जाएगी।

संजय राउत ने कहा, "इस यात्रा का संदेश देशभर में फैल जाएगा। 'वोटर अधिकार यात्रा' हर राज्य में शुरू होगी। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह एक ऐतिहासिक पहल है।"

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हमने वोटों की हेराफेरी के दुष्परिणामों का व्यक्तिगत अनुभव लिया है। अब, इस क्रांतिकारी यात्रा का उद्देश्य देशभर में ऐसी प्रथाओं को रोकना है।

सीपीआई (एम) के नेता एमए बेबी ने कहा, "बिहार के युवा और आम जनता ने वोटर अधिकार यात्रा का समर्थन किया है। संविधान में जो अधिकार लोगों को मिला है, उस अधिकार को बचाने की लड़ाई है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई तय है।"

टीएमसी के नेता ललितेश त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव आयोग के समक्ष विपक्ष ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर कई प्रश्न उठाए हैं, लेकिन किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं मिला है। मार्च में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने डुप्लीकेट मतदाता की सूची प्रस्तुत की, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर देश को जागरूक करने का कार्य किया है। हमारा धर्म है कि हम संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करें।

कांग्रेस नेता के. सुरेश ने कहा कि बिहार की जनता ने वोटर अधिकार यात्रा में अपार समर्थन दिया है। चुनाव आयोग लगातार भाजपा के साथ मिलकर लोगों के अधिकारों से वंचित करने की साजिश कर रहा है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। इस यात्रा का प्रभाव आगामी विधानसभा चुनाव में स्पष्ट होगा।

एनसीपी (एसपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि यह यात्रा वास्तव में उल्लेखनीय रही है। पूरा देश जाग उठा है। लोग देख रहे हैं कि कैसे कुछ लोग वोटों की हेराफेरी करके, संविधान को नष्ट करके और उसे रौंदकर सत्ता में आए हैं। वे गणतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी बिहार ने अपनी आवाज उठाई है, देश ने उसका उत्तर दिया है, चाहे वह महात्मा गांधी के समय का चंपारण आंदोलन हो, लोहिया का समाजवादी आंदोलन हो, या जयप्रकाश नारायण का 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान हो। जब भी बिहार ने आवाज उठाई है, देश ने उसका समर्थन किया है।

यात्रा के दौरान हुई कुछ घटनाओं पर उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती थी कि इस यात्रा को बदनाम किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश में लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विपक्षी दलों का एकजुट होना और लोगों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करना महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को उनके मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक करना और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है।
इस यात्रा में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
इस यात्रा में कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए, जिनमें संजय राउत , राहुल गांधी , और तेजस्वी यादव शामिल हैं।
क्या यह यात्रा पूरे देश में फैलेगी?
जी हाँ, संजय राउत ने कहा है कि यह यात्रा अब हर राज्य में शुरू होगी।
भाजपा का इस यात्रा पर क्या रुख है?
भाजपा ने इस यात्रा को बदनाम करने की कोशिश की है, लेकिन विपक्षी दल इसे सफल बनाने के लिए एकजुट हैं।
क्या इस यात्रा का आगामी चुनावों पर असर पड़ेगा?
हां, यात्रा का असर आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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