बिहार में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे वालों को सख्त चेतावनी: उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा
सारांश
Key Takeaways
- सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- भूमि विवाद का समाधान प्रभावी तरीके से किया जाएगा।
- 15 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
- जनहित और पारदर्शिता के साथ विकास का अभियान जारी रहेगा।
मुंगेर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि या गरीब और कमजोर वर्ग की ज़मीन, किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो लोग फर्जी दस्तावेज बनाकर सिस्टम को गुमराह करते हैं या भूमि हड़पने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम सिन्हा ने मुंगेर के प्रेक्षागृह में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में भूमि से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि बिहार के इतिहास में भूमि विवाद ने सबसे अधिक परिवारों को प्रभावित किया है। यह केवल दो व्यक्तियों का मामला नहीं है, बल्कि कई बार यह दो परिवारों, गांवों और पीढ़ियों तक को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि देश के वरिष्ठ न्यायविदों ने भी माना है कि एक भूमि विवाद कई प्रकार के अन्य विवादों को जन्म देता है। एनडीए सरकार का संकल्प है कि भूमि विवादों का समाधान अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे धरातल पर प्रभावी तरीके से किया जाएगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर विवादों को लंबा खींचते हैं, लेकिन सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे लोगों को न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े। अब तक सभी प्रमंडलों में मिलाकर यह दसवां जनसंवाद है, जिसमें 15 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सभी शिकायतों का डिजिटल माध्यम से पंजीकरण और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि हर पीड़ित को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित, पारदर्शिता और सुशासन के साथ विकास के इस अभियान को हम निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।