कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा का भाजपा पर आरोप: नया नारा और पुराना भुलाना
सारांश
Key Takeaways
- कुमारी सैलजा ने भाजपा को सांप्रदायिकता के लिए जिम्मेदार ठहराया।
- भाजपा की पहचान केवल नारों पर निर्भर है।
- भाजपा पर मतदाताओं को पैसे देने के आरोप लगे हैं।
- मछुआरों और मानव-पशु संघर्ष के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी असली विकास की बात कर रहे हैं।
तिरुवनंतपुरम, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोगों को 'सांप्रदायिक' बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को 'नारों की सरकार' करार दिया। कांग्रेस नेता ने केरल में मछुआरों के मुद्दों और मानव-पशु संघर्ष के विषयों को भी उठाया।
कुमारी सैलजा 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने कोच्चि में थीं।
भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि भाजपा हमेशा सांप्रदायिकरण करने की कोशिश करती है। यही उनकी पहचान है। यदि वे विकास में इतने सक्षम हैं, तो इसके बारे में बात क्यों नहीं करते? उन्होंने इसके लिए क्या कदम उठाए हैं?
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नया नारा गढ़ती है और पुराना भूल जाती है। यह केवल नारों और भाषणों की सरकार है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
इसके अतिरिक्त, कुमारी सैलजा ने भाजपा पर मतदाताओं को पैसे देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में जाइए, आपको सच्चाई का पता चलेगा कि वे कैसे सांप्रदायिक रंग फैलाते हैं, कैसे वोट हासिल करते हैं, और चुनाव से पहले पैसे बांटते हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी असली विकास की बातें कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता गांधी को केरल से विशेष लगाव है, क्योंकि इस राज्य ने उन्हें और पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को संसद में भेजा है।
कुमारी सैलजा ने बातचीत के दौरान मानव-पशु संघर्ष और मछुआरों की समस्याओं को आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं भी हैं। जब हम पशु-मानव संघर्ष की चर्चा करते हैं, तो हाथियों का आतंक, सांपों के काटने की घटनाएं और लोगों की जान जाने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। जंगलों के किनारे बसे गांवों में अक्सर हाथियों का हमला होता है, जिससे लोगों की मौत हो जाती है। उदाहरण के लिए, कोच्चि की सीमा के पास इंदिराम्मा की मृत्यु हो गई।
उन्होंने कहा कि ये संघर्ष जारी हैं, लेकिन सरकार इन्हें कैसे हल करती है, यह महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की जिम्मेदारी आम आदमी के लिए इन समस्याओं को कम करना है।
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ऐसा करने में सक्षम नहीं रहा है।